पेट खराब होना एक आम बात है लेकिन ज्यादा खराब और ज्यादा दिनों तक खराब होना ये सबसे नुकसानदायक है। पेट का साफ रहना ठईक नहीं होता है पेट की आंतों का भी साफ रहना जरूरी है। एलोपेथी दवाईयों से परेशान हो गए हो तो आयुर्वेदिक सेहत के लिए सबसे ठीक रहती है। भोजन को पचाने बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का ख्याल रखता है।



पेट खराब होने के लक्षण


•    आप हर समय भारी या फूला हुआ महसूस करते हैं।
•    उचित मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के बावजूद आपकी सांसों से दुर्गंध आती है।
•    वजन कम करने या बढ़ने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
•    तो कब्ज़ हो जाता है या दिन में दो या अधिक बार मल आता है।
•    आपको मुंहासे जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं हैं, और दवा स्थायी रूप से उसी पर काम नहीं करती है।
ये लक्षण है तो आपका पेट की आंतें स्वस्थ नही है।
पेट को ऐसे रखें स्वस्थ

स्वस्थ आंत आपको खुशी वाले हार्मोन, कम तनाव, इष्टतम पोषक तत्व, अच्छी नींद, अच्छी याददाश्त, चमकती त्वचा, चमकदार बाल, स्वस्थ आंत, और बहुत कुछ प्रदान करेगी।
•    पेट को स्वस्थ रखने के लिए खाने की आदतें, सोने के पैटर्न, व्यायाम, तनाव का प्रबंधन में सुधार करके पेट को स्वस्थ रख सकते हैं।
•    खूब पानी पियें
•    फलों और सब्जियों के रस
•    हरड़
अगर आप शरीर की गंदगी को बाहर निकालकर इन समस्याओं से छुटकारा पाना हरड़ पेट को साफ करने के अलावा हरड़ का बवासीर रोग में भी बहुत लाभकारी होता है। लंबे समय से चली आ रही पेचिश तथा दस्त आदि से छुटकारा पाने के लिए हरड़ का प्रयोग किया जाता है।