दफ्तरों में कामकाजी लोगों को ऑफिसिल काम के अलावा भी कई तरह के बाहर और घर के काम होते हैं जिसके लिए छुट्टी लेने पड़ती है। लेकिन कभी कभी कंपनियां छुट्टी नहीं देती है। साल की जितनी ऑफिसियली छ्ट्टी दि जाती है उसके अलावा कंपनी छुट्टी नहीं देती है। इसी तरह से एक महीला कर्मचारी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। महिला ने अपने दफ्तर से सिर्फ एक घंटे की छुट्टी मांगी थी।


कंपनी ने एक घंटे की भी छुट्टी नहीं दी तो महिला ने जो कदम उठाया वो पूरी दुनिया में चर्चित हो गई है। यह घटना ब्रिटेन के लंदन की है। जहां एक रियेल एस्टेट कंपनी में एलिस नाम की महिला सेल्स मैनेजर काम करती थीं। एलिस ने अपनी छोटी बच्ची के लिए कंपनी से मांग की कि वे सप्ताह में चार दिन एक घंटे कम काम करेंगी तो उन्होंने इसके लिए कंपनी से इजाजत मांगी। तो कंपनी ने एक घंटे की छुट्टी देने से मना कर दिया।

इसके बाद एलिस ने सबसे पहले तो कंपनी से इस्तीफा दिया और फिर इसके बाद वो सीधा कोर्ट पहुंच गईं। लंदन स्थित एक स्थानीय एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल में उन्होंने अपना तर्क रखते हुए बताया कि ऐसा मामला है। उन्होंने अपना पूरा पक्ष कंपनी के सामने रखा। ट्रिब्यूनल में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनी गई, अब बारी थी फैसला सुनाने की। तो जज ने एलिस के हक में फैसला सुनाया।

जज ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि कंपनी काम में फ्लेक्सिबिलिटी देने के मामले में विफल रही, जिसके चलते ऐलिस को काफी नुकसान हुआ। जज ने सैलरी के नुकसान के साथ-साथ भावनाओं को चोट पहुंचाने और जेंडर भेदभाव के लिए ऐलिस को करीब दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया।