नागरिकता कानून में संशोधन विधेयक के विरोध में एनडीए घटक दलों में बेचैनी बढ़ती जा रही है,दिल्ली में शुक्रवार को अगप सहित नौ क्षेत्रीय दलों ने बैठक कर इसे असम की अस्मिता के लिए चुनौती बताया।

इसके साथ ही अगप ने यह चेतावनी भी दी है कि विधेयक पास होने की हालत में वह बीजेपी का साथ छोड़ देगी, हालांकि बीजेपी असम अध्यक्ष रंजीत दास ने अगप नेतृत्व की ओर से ऐसी किसी धमकी से इनकार किया है।

संसद भवन में हुई क्षेत्रीय दलों की इस बैठक में अगप के अलावा शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, डीएमके एआइडीएमके, बीजेडी, तृणमूल कांग्रेस और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा शामिल थी।

बैठक के बाद अगप के नेता और पूर्व सांसद बीरेंद्र प्रासाद बैशय ने बताया कि नागरिकता कानून विधेयक का संसद के दोनों सदनों में पुरजोर विरोध किया जाएगा अगप ने जरूरत पड़ने पर इस मामले को अदालत में भी उठाने की मांग की है। उन्होंने इस बारे में पार्टी के नेता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले हैं। गृह मंत्री ने भरोसा दिया है कि ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जाएगा, जो किसी राज्या की भाषा, संस्कृति को ठेस पहुंचाए।