स्कूल में प्रिंसिपल का चयन नए कैडर के तहत किए जाने को लेकर HRD मंत्रालय ने गाइडलाइन्स बनाई है और सभी राज्यों से फीडबैक मांगा है। कई राज्यों ने इसका समर्थन करते हुए अपनी तरफ से सुझाव दिया वहीं कुछ राज्यों ने चिंता भी जताई है। उनकी चिंता है कि अगर स्कूल में प्रिंसिपल की भर्ती अलग कैडर बनाकर की जाएगी तो टीचर हतोत्साहित होंगे। शिक्षकों के प्रमोट होकर प्रिंसिपल बनने का मौका खत्म होगा तो वे निराश हो सकते हैं। 

बता दें कि सिक्किम, गुजरात, बिहार, कर्नाटक में स्कूल प्रिंसिपल की सीधी भर्ती होती

है। वहीं ज्यादातर राज्यों में प्रमोशन के जरिए या वरिष्ठता के आधार पर

प्रिंसिपल बनाए जाते हैं। HRD मंत्रालय ने सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल के अलग कैडर की जो गाइडलाइन बनाई है, उसमें कहा गया है कि स्कूल को सुधारने में स्कूल हेड का बड़ा रोल होता है। स्कूल को लीड करना विशेषज्ञता है, महज टीचर के काम का विस्तार नहीं। इसमें बताया गया है कि कई राज्यों में स्कूल हेड का अलग पद बनाया ही नहीं गया है और जहां है भी तो वहां या तो पद खाली पड़ा है या सबसे सीनियर टीचर को इंचार्ज बना दिया गया है।

ताजा गाइडलाइन्स के मुताबिक हर राज्य कम से कम 50 प्रतिशत प्रिंसिपल पदों पर सीधी भर्ती करें। इसके लिए 'सीधी भर्ती नीति' बनाई जाए। गाइडलाइन्स में बताया गया है कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के साथ ही व्यक्तित्व टेस्ट और इंटरव्यू लिया जा सकता है। लिखित परीक्षा, शैक्षणिक योग्ता, पढ़ाने का अनुभव और इंटरव्यू के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाई जाए। गाइडलाइन्स में कहा गया है कि कम से कम स्कूल हेड के 50 प्रतिशत पद इस तरह भरे जाएं। वहीं बाकी पदों को प्रमोशन के जरिए भरा जा सकता है।