हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(एचएसपीडीपी) ने राज्य सरकार से मेघालय में इनर लाइन परमिट(आईएलपी) लागू करने की मांग की है। आज यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए एचएसपीडीपी के महासचिव रेनिकटन लिंगदोह तोंगखर ने कहा कि वह पूरी तरह से नागरिकता(संशोधन) विधेयक के खिलाफ हैं। आईएलपी को लागू करने का एजेंडा उनकी पार्टी के घोषणा पत्र में शमिल है।


विदित हो कि राज्य विधानसभा में एचएसपीडीपी के दो विधायक हैं, जो नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) की अगुवाई वाली मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस(एमडीए) सरकार में शामिल हैं। एचएसपीडीपी ने कहा कि अगर सत्ता में बहुमत के साथ उनकी सरकार होती तो राज्य में आईएलपी लागू कर देते। फिलहाल वे एक काॅमन मिनिमम कार्यक्रम के तहत सरकार में सहयोगी हैं।


उनकी पार्टी आईएलपी को लागू करने की मांग पर अडिग है। नागरिकता(संशोधन) विधेयक पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह चिंतित हैं क्योंकि घुसपैठिए मुख्य रूप से बांग्लादेश से हैं। लेकिन हम अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लोगों को भी स्वीकार नहीं करेंगे। हलांकि तोंगखर के मुताबिक अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लोग राज्य के लोगों के लिए उतना बड़ा खतरा नहीं हैं, जितना मेघालय की सीमा से लगे बांग्लादेश के लोग हैं।


पार्टी परिषदीय चुनाव लड़ रही है। वहीं क्षेत्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन(आरडीए) के विपरीत यूडीपी ने अपने उम्मीदवारों की सातवीं सूची की भी घोषणा की है, जबकि एचएसपीडीपी ने केवल 10 उम्मीदवारों के साथ पहली सूची जारी की है। तोंगखर ने बताया कि परिषद चुनाव में अधिक सीटें जितना चाहते हैं। वे स्थानीय नेतृत्व को पार्टी से उभरने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

और टिकट उस उम्मीदवार को दिया जाएगा, जिसके जीतने की आशा है। अर्दत बसाईअावमोईत के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर तोंगखर ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके उपर था कि वह अपना क्या फैसला लेते हैं।