तमिलनाडु के एक मंदिर से 1971 में चोरी हुई हिंदू देवी पार्वती की 12वीं सदी की मूर्ति न्यूयॉर्क से बरामद की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक रिपोर्ट के अनुसार यह बोनहम्स ऑक्शन हाउस में मिली। बोनहम्स एक निजी स्वामित्व वाला अंतरराष्ट्रीय नीलामी घर है, जिसका मुख्यालय लंदन में है। 

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग ने मूर्ति वापस लाने के लिए कागजात तैयार कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि मूर्ति की पहली बार 1971 में नादानपुरेश्वरर सिवन मंदिर से लापता होने की सूचना मिली थी। कई सालों बाद साल 2019 में मंदिर के एक ट्रस्टी ने मूर्ति चोरी होने की शिकायत दर्ज करायी थी, जिसके बाद साल 2019 में जांच शुरू हुई। जांच का जिम्मा, लापता कलाकृतियों की पता लगाने वाले तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग ने लिया। पुलिस के अनुसार, मंदिर से चोरी हुई पांच मूर्तियों में से यह एक है, जिसकी ऊंचाई करीब 52 सेंटीमीटर है। 

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इसकी कीमत 21,2,575 डॉलर आंकी गई है। आइडल विंग ने एक बयान में बताया कि मूर्ति पर लगे मुकुट में पैटर्न हार है। उन्होंने कहा, हम मूर्ति के स्वामित्व का दावा करने के हकदार हैं क्योंकि इस मूर्ति को साल 1972 में भारत यूनेस्को के विश्व विरासत सम्मेलन में शामिल किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने चोरी की गई मूर्तियों और अन्य कलाकृतियों को वापस लाने के प्रयास तेज किये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में कहा था कि साल 2014 से अब तक 200 से अधिक कीमती मूर्तियां  वापस लाई गयी हैं।