बांग्लादेश (Bangladesh) के जाकीगंज और करीमगंज से कुशियारा नदी (Kushiara river) के दोनों किनारों पर उत्साही पुरुषों, महिलाओं और किशोरों की भारी भीड़ नावों के द्वारा देवी दुर्गा (Goddess Durga) की मूर्तियों के विसर्जन किया है। लेकिन दूसरी ओर बांग्लादेश में दुर्गा पंडाल में हिंसा (Violence in Durga Pandal) होने के बाद खौफ पैदा कर दिया है।

 

दक्षिण पूर्व बांग्लादेश में  (Violence in Durga Pandal) हिंसक अशांति, हालांकि सिलहट के जकीगंज क्षेत्र को प्रभावित नहीं किया। यह एक मायने में भारत-बांग्लादेश (Indo-Bangladesh) विसर्जन का एक उदाहरण है क्योंकि दोनों तरफ से देवता की मूर्तियों को ले जाने वाली नौकाओं को बराक की सहायक नदी कुशियारा (Kushiara river) में विसर्जित किया जाता है, जो बांग्लादेश में बहती है।


जानीगंज प्रशासन ने लोगों का अभिवादन करने के लिए माइक्रोफोन लगाया, जबकि कुछ गैर सरकारी संगठनों द्वारा बांग्लादेश से नावों पर सवार लोगों के बीच मिठाइयाँ वितरित की गईं। यह खुशियों का आदान-प्रदान था जिसने कुछ समय के लिए कहीं और की गई बर्बर हरकतों ने सभी खुशियों पर पानी फेर दिया है।