कोरोना वायरस के चलते CISCE ने 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी है तथा 12वीं पर फैसला जून के पहले सप्ताह में लिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले 16 अप्रैल को बोर्ड ने 10वीं के छात्रों को दो ऑप्शन दिए थे। पहला इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट का और मार्क्स से अंसतुष्ट होने पर परीक्षा में बैठने का। लेकिन मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 10वीं के छात्रों की परीक्षा अब नहीं होगी। 10वीं के छात्रों के मूल्यांकन के लिए बोर्ड एक पारदर्शी क्राइटेरिया तय करेगा और इसी के आधार पर रिजल्ट निकाला जाएगा। सीआईएससीई से संबंद्ध स्कूलों को 10वीं के छात्रों का एडमिशन 11वीं में करने और उनकी पढ़ाई ऑनलाइन मोड से शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं।

केंद्रीय शिक्षा बोर्ड ने आईएससी 12वीं की परीक्षा को लेकर अपना 16 अप्रैल का फैसला नहीं बदला है। बोर्ड ने कहा है कि जून के पहले सप्ताह में नई तिथियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पूर्व में निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के मुताबिक आईसीएसई और आईएससी कक्षाओं के थ्योरी एग्जाम 4 मई 2021 से शुरू होने थे।

सीआईएससीई से पहले सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा रद्द और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर चुका है। सीबीएसई बोर्ड 10वीं का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट के आधार पर जारी करेगा। जबकि 12वीं की परीक्षाओं पर फैसला 1 जून को लिया जाएगा।

इसके अलावा तेलंगाना बोर्डए हरियाणा बोर्ड, ओडिशा बोर्ड, यूपी बोर्ड, छत्‍तीसगढ़ बोर्ड, पंजाब बोर्ड, राजस्थान बोर्ड, महाराष्ट्र बोर्ड, एमपी बोर्ड भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर चुके हैं। हरियाणा बोर्ड ने सीबीएसई की तरह 10वीं की परीक्षा रद्द कर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट निकालने का फैसला किया है। पंजाब ने 5वींए 8वीं और दसवीं की परीक्षा नहीं लेने का फैसला किया है। पंजाब में बिना परीक्षा लिए 5वीं, 8वीं और दसवीं क्लास के बच्चों को आगे की कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा।

हर वर्ष आईसीएसई और आईएससी परीक्षा में करीब 3 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। सीआईएससीई में पिछले वर्ष 207902 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 206525 पास हुए थे यानी सीआईएससीई में 99.33 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। वहीं आईएससी में पिछले वर्ष 88409 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 85611 पास हुए, यानी आईएससी में 96.84 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए।