भारत के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने यहां आईसीसी टी 20 विश्व कप (ICC T20 WC 2021) सुपर 12 खेल में पाकिस्तान (Ind Vs Pak) के हाथों 10 विकेट से हारने के बाद स्वीकार किया कि हाई-इंटेंसिटी इंडियन प्रीमियर लीग 2021, जो हाल ही में यहां संपन्न हुई, उसके बाद खिलाड़ियों पर थकान दिखी। उनका मानना है कि अगले मैच से पहले एक सप्ताह का ब्रेक खिलाड़ियों को तैयारी करने में काफी मदद करेगी।

हाल ही में अपनी-अपनी आईपीएल (IPL 2021) फ्रैंचाइजी के लिए भारतीय खिलाडिय़ों द्वारा दिखाए गए उत्साह की तुलना में, भारतीय टीम अपने चीर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपने शुरूआती मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। यह पूछे जाने पर कि वह पाकिस्तान के खिलाफ शुरूआती सुपर 12 खेल और 31 अक्टूबर को न्यूजीलैंड (ind vs New Zealand) के खिलाफ अगले असाइनमेंट के बीच सप्ताह भर के अंतराल को कैसे देखते हैं, कोहली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, मुझे लगता है कि यह ब्रेक हमारे लिए सभी दृष्टिकोणों से वास्तव में अच्छा रहेगा । हमने आईपीएल खेला, जो कि संयुक्त अरब अमीरात की परिस्थिति में अपने आप में बहुत मुश्किल था। फिर हम विश्व कप में आए, इसलिए हमारे लिए ये बड़े ब्रेक निश्चित रूप से कुछ ऐसे हैं जो हमें एक टीम के रूप में प्रमुख शारीरिक स्थिति में रहने में मदद करने वाले हैं, हमें इस उच्च-तीव्रता वाले टूनार्मेंट में खेलने की आवश्यकता है।

कोहली (Virat Kohli)  ने कहा, टी 20 विश्व कप हमेशा एक उच्च-तीव्रता वाला टूर्नामेंट होता है, और यह हमें फिर से, एक टीम के रूप में फिर से संगठित होने में मदद करेगा ताकि हम उन चीजों को पर काम करने के लिए उत्सुक हों, जो हम चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हम पूरी आत्मविश्वास से तैयारी करें और फिर हम अपनी योजनाओं को मैदान पर लागू करें। हमें अपनी क्षमता पर पर्याप्त विश्वास है कि इस तैयारी के समय के साथ, हम एक बार फिर सकारात्मक सोच के साथ सामने आएंगे। व्यक्तिगत रूप से एक टीम के रूप में हमारे लिए मैं कह सकता हूं कि हमारे पास सोचने और फिर से तैयारी करने का समय होगा। कोहली ने कहा कि टॉस हारना अहम साबित हुआ क्योंकि दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम को थोड़ा और फायदा मिल गया। ओस की वजह से पाकिस्तान के बल्लेबाजों के लिए स्ट्राइक रोटेट करना आसान हो गया।कोहली ने परिस्थितियों पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, पाकिस्तान की बल्लेबाजी के समय ओस पूरे मैदान पर पसरा हुआ था। दस ओवर के बाद उन्हें स्ट्राइक रोटेट करने में आसानी हो रही थी। हम डॉट बॉल करने में भी सक्षम नहीं हो पा रहे थे, जिसके चलते पाकिस्तान के बल्लेबाजों को और मदद मिल रही थी। यहां तक की धीमी गेंदे भी काम नहीं आ रही थी।