भारत और बांग्लादेश का रोमांचक मैच आखिरी ओवर में जाकर खत्म हुआ था, टीम इंडिया ने पांच रनों से इस मुकाबले को अपने नाम किया. लेकिन यह बात यहीं खत्म नहीं हुई, बांग्लादेश के विकेटकीपर नुरूल हसन द्वारा आरोप लगाया गया कि विराट कोहली ने मैच के दौरान चीटिंग की और फेक फील्डिंग से हमारी टीम को कन्फ्यूज़ किया. 

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फेक फील्डिंग के इस विवाद ने क्रिकेट जगत को बांट दिया है, बांग्लादेश ने विराट कोहली जैसे बड़े प्लेयर पर आरोप लगाया तो अलग-अलग बयान भी आने लगे हैं. लेकिन आईसीसी की नियमावली पर नज़र डालें तो विराट कोहली पर आरोप लगाने वाली बांग्लादेश की टीम खुद इस मामले में फंस सकती है. 

ICC की खेलने की शर्तों के नियम 41.5 के अनुसार फील्डिंग करने वाली टीम बल्लेबाज को जान बूझकर बाधा नहीं पहुंचा सकती या उसका ध्यान नहीं भटका सकता. अगर अंपायर को ऐसा लगता है कि किसी खिलाड़ी ने नियम तोड़ा है तो वह डेड बॉल घोषित करके पेनल्टी के पांच रन दे सकते हैं. चूंकि शंटो और लिटन ने कोहली की तरफ देखा भी नहीं तो उनका ध्यान भटकने का सवाल ही नहीं उठता. 

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ऐसे में नियम यह कहता है कि मैच अधिकारियों पर इस तरह बिना सबूत बड़ा आरोप लगाने वाले खिलाड़ी पर आईसीसी द्वारा एक्शन लिया जा सकता है. यानी विकेटकीपर नुरूल हसन खुद ही विराट कोहली पर आरोप लगाकर आड़े हाथों आ सकते हैं. जिन्होंने अंपायर्स पर विराट कोहली की फेक फील्डिंग पर नहीं ध्यान देने का आरोप लगाया.