तेलंगाना स्थित सिद्दीपेट के जिलाधिकारी रहे पी वेंकट रामी रेड्डी (P Venkata Rami Reddy) ने इस्तीफा देने के बाद राजनीति में आने का मन बना लिया है।  बता दें IAS रेड्डी का कार्यकाल अभी एक साल बाकी था।  हालांकि उन्होंने सोमवार को इस्तीफा दे दिया।  बीते दिनों वह राज्य के सीएम और तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता के चंद्रशेखर (controversy after touching the feet of state CM and Telangana) राव का पैर छूने के बाद विवादों में आ गए थे। अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए रेड्डी ने कहा- बतौर IAS मुख्यमंत्री से संपर्क में रहने के दौरान वह राज्य के लिए सीएम का विजन जान सके। 

माना जा रहा है कि रेड्डी टीआरएस पार्टी से राज्य में आगामी विधान परिषद चुनावों में हिस्सा ले सकते हैं।  हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।  रेड्डी ने साल 1996 में ग्रुप 1 अधिकारी के तौर पर डिप्टी कलेक्टर के पद पर काम करना शुरू किया।  साल 2007 में उन्हें IAS में प्रमोट किया गया।  बीते सालों में वह जॉइंट कलेक्टर और कलेक्टर के पदों पर काम किया।  रेड्डी सिद्दीपेट, संगारेड्डी और रंजन्ना सिरसिल्ला जिलों के डीएम रह चुके हैं। उनका परिवार राज्य में रियल एस्टेट के कारोबार में भी शामिल है। 

 

गौरतलब है कि सिद्दीपेट जिला कलेक्ट्रेट (Siddipet District Collectorate0 के उद्घाटन के दौरान रेड्डी ने सीएम चंद्रशेखर राव (Reddy touched the feet of CM Chandrashekhar Rao) के पांव छुए थे।  इसके बाद ही वह सुर्खियों में आ गए।  सीएम  के करीबी माने जाने वाले रेड्डी कार्यालय के उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी की कुर्सी से उठे और केसीआर के पैर छू लिए।  इस दौरान सीएम कई अन्य नेताओं के साथ खड़े थे।  इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया था।  कांग्रेस के प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने इस मामले पर कहा था कि सिद्दीपेट कलेक्टर का इस तरह सीएम का पैर छूना गलत है।  उन्होंने सीएम पर भी जुबानी हमला किया था।