अहमदाबाद में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। एक पूर्व सरकारी कर्मचारी ने खुद के भगवान ‘कल्कि’ अवतार होने का दावा करते हुए जल्द से जल्द अपनी ग्रैच्युटी भुगतान किए जाने की मांग की है। ऐसा न किए जाने पर अधिकारियों को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।

मामला जल संसाधन विभाग के पूर्व सरकारी रमेशचंद्र फेफर का है। फेफर को कार्यालय से लंबे समय तक अनुपस्थित होने के कारण समय से पहले सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। फेफर ने जल संसाधन विभाग के सचिव को लिखे पत्र में फेफर ने कहा कि सरकार में बैठे राक्षस उनकी 16 लाख रुपए की ग्रैच्युटी और एक वर्ष के वेतन को रोककर उन्हें परेशान कर रहे हैं। वह धरती पर भीषण सूखा ला सकते हैं क्योंकि वह भगवान विष्णु के दसवें अवतार हैं।

गौरतलब है कि फेफर गुजरात के जल संसाधन विभाग के सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी में अधीक्षण  अभियंता के तौर पर वडोदरा कार्यालय में पदस्थ थे। आठ महीने में महज 16 दिन कार्यालय आए थे। उधर, जल  संसाधन विभाग के सचिव एमके जाधव का कहना है कि वह कह रहे हैं कि उन्हें सिर्फ इसलिए वेतन दिया जाना चाहिए कि वह कल्कि अवतार हैं और धरती पर वर्षा लाने के लिए काम कर रहे हैं।