पलक झपकते ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाने का सपना टेक्नोलॉजी सच करने जा रही है। वैज्ञानिक अब ऐसी हाइपरलूप प्रणाली बना रहे हैं, जिससे यात्री 750 मील प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकेंगे। हाल ही में इस योजना में शिकागो से क्लीवलैंड को जोड़ने का रोडमैप तैयार किया गया है। जिसके तहत शिकागो से क्लीवलैंड की साढ़े तीन सौ किलोमीटर की दूरी यह हाइपरलूप मात्र 35 मिनट में पूरा कर लेगा। इतना ही नहीं अबू धाबी में भी इस योजना पर काम हो रहा है, जिसमें हाइपरलूप दुबई और अल ऐन को जोड़ेगा। इस छोटी दूसरी पर सफल होने के बाद कंपनी अमरीका में अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगी।

हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज की ओर से हाल ही में इसका डिजाइन प्रस्तुत किया गया है। अगर कंपनी अपने प्रोजेक्ट में सफल हुई तो साल 2023 में अमरीका में पहली हाइपरलूप सवारी का निर्माण शुरू हो जाएगा, जिसे साल 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह सफर बेहद सुरक्षित होगा, जहां दुर्घटनाओं की कोई आशंका नहीं होगी।

हाइपरलूप के लिए खास स्टेशन्स का निर्माण होगा, जहां से कैप्सूल अपने गंतव्य के लिए रवाना होगा। इसके लिए इन लाइन स्टेशन बनेंगे, जहां से कैप्सूल में बैठकर यात्री 750 मील प्रति घंटे की गति से सफर करेंगे। कंपनी का कहना है कि पॉड्स या कैप्सूल के जरिए हर दिन करीब डेढ़ लाख यात्री सफर कर पाएंगे। हर 40 सेकंड में एक कैप्सूल अगले स्टेशन के लिए रवाना होगा। कंपनी का कहना है कि हमारा उद्देश्य प्रदूषण और यातायात रहित परिवहन उपलब्ध करवाना है।