न्यायमूर्ति वी एस सिरपुरकर की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त जांच आयोग ने तेलंगाना में दिशा बलात्कार और हत्या मामले में चार गिरफ्तार आरोपियों की 2019 में मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। वहीं मुठभेड़ में शामिल सभी 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोप का केस चलेगा। 

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आयोग ने कहा कि 10 पुलिस अधिकारियों - वी सुरेंद्र, के नरसिम्हा रेड्डी, शेख लाल मधर, मोहम्मद सिराजुद्दीन, कोचेरला रवि, के वेंकटेश्वरुलु, एस अरविंद गौड़, डी जानकीराम, आर बालू राठौड़ और डी श्रीकांत पर धारा 302 के तहत मुकदमा चलाया जाना है। बता दें कि हैदराबाद में नवंबर 2019 में 27 साल की एक वेटनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर का शव शादनगर में एक पुल के नीचे जली हुई अवस्था में मिला था। 

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इसके बाद हैदराबाद पुलिस ने चार आरोपियों - मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु, जोलू शिवा और जोलू नवीन को वेटनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के और हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। हैदराबाद के NH-44 पर इन चारों आरोपियों एनकाउंटर किया गया था। यह वही राजमार्ग था, जिसके पुल के नीचे 27 वर्षीय पशु चिकित्सक का जला हुआ शव मिला था। पुलिस ने दावा किया था कि 27 नवंबर, 2019 को महिला पशु चिकित्सक का अपहरण किया गया था। उसका यौन उत्पीड़न किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।