वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी से स्वावलम्बन के संकल्प के साथ जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित 35वें हुनर हाट (35th Hunar Haat organized at Jawaharlal Nehru Stadium) में देश के 700 से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों ने भाग लिया. 

इस हुनर हाट में केवल लोग अपना हुनर ही दिखाने नहीं आए, बल्कि मेला देखने आने वालों के मनोरंजन के लिए कई सांस्कृति कार्यक्रम भी आयोजित किए. सुरेश वाडेकर, अल्ताफ राजा, सोनू निगम और नोरां सिस्टर्स जैसे कलाकारों से इस मेले को चार चांद लगने वाले थे, लेकिन अब इस पर कोरोना का असर देखने को मिला है. पहले बड़े सिंगर्स की परफॉर्मेंस रद्द हुई और अब हुनर हाट को ही बंद करने का आदेश केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दे दिया है.

आज मुख्तार अब्बास नकवी ने हुनर हाट में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए देश में पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं. हमें पैनिक नहीं प्रीकॉशन, प्रीवेंशन की जरूरत है. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित “हुनर हाट” में विजिटर्स की बढ़ती संख्या के बीच संयम और सावधानी को देखते हुए 23 दिसंबर 2021 से 5 जनवरी, 2022 तक जेएलएन स्टेडियम में चलने वाले “हुनर हाट” को कल यानी 31 दिसंबर की दोपहर तक ही चलाए जाने का निर्णय लिया गया है.

 

द्रीय मंत्री नकवी ने हुनर हाट में साफ सफाई को लेकर कहा कि यहां सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य की पूरी सावधानी रखी गई. हुनर हाट में प्रवेश मास्क के साथ अनिवार्य किया गया. विजिटर्स को फ्री में मास्क वितरण की व्यवस्था भी की गई. “हुनर हाट” के पूरे कैंपस में साफ सफाई बनाए रखने के लिए 350 सफाईकर्मी और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 200 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया. आयोजन स्थल के पास ही अलग से पार्किंग स्थल की व्यवस्था में 50 लोगों की टीम लगी रही. विश्वकर्मा वाटिका, मेरा गांव मेरा देश, बावर्चीखाना सेक्शन में 40 लोगों की तीन टीम व्यवस्था में लगी रही. दिन में 5 बार संपूर्ण “हुनर हाट” प्रांगण का सैनिटाईजेशन किया गया.

इसके साथ ही नकवी ने हुनर हाट में स्टॉल लगाने वाले लोगों को लेकर बात करते हुए कहा कि जेएलएन स्टेडियम में आयोजित “हुनर हाट” में असम, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, लद्दाख, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, नागालैंड, मेघालय, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, गोवा, पुडुचेर्री, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, चंडीगढ़, हरियाणा सहित 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 700 से ज्यादा दस्तकार, शिल्पकार, कारीगर शामिल हुए. ये कलाकार अपने साथ हस्तनिर्मित शानदार एवं दुर्लभ स्वदेशी उत्पाद लेकर आये. वहीं, हुनर हाट के बावर्चीखाने में देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारम्परिक पकवानों ने हिंदुस्तान के हर क्षेत्र के जायके का मज़ा दिया है.

 

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हुनर हाट में आने वाले लोगों ने विश्वकर्मा वाटिका, पारम्परिक सर्कस, देश के जाने-माने कलाकारों के विभिन्न सांस्कृतिक-गीत-संगीत के कार्यक्रमों का आनंद भी लिया. लोगों ने बड़े पैमाने पर दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों के स्वदेशी उत्पादनों की खरीददारी कर उनकी हौसला अफजाई की. हुनर हाट, देश की स्वदेशी दस्तकारी, शिल्पकारी की विरासत के प्रोटेक्शन, प्रिजर्वेशन, प्रमोशन का परफेक्ट प्रकल्प है.

उन्होंने कहा कि कौशल कुबेरों के कुम्भ, हुनर हाट से दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों को काम और नाम दोनों मिल रहा है. हुनर हाट 3V- विश्वकर्मा विरासत के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा देश की हुनर की विरासत को नई ऊर्जा, साथ ही मौका-मार्किट भी मुहैया कराया जा रहा है. हुनर हाट ने पिछले लगभग 6 वर्षों के दौरान 7 लाख 50 हजार से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं. इनमें 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं.

 

आखिर में नकवी ने कहा कि आने वाले दिनों में हुनर हाट का आयोजन मैसूर, गुवाहाटी, पुणे, अहमदाबाद, भोपाल, पटना, पुडुचेरी, मुंबई, जम्मू, चेन्नई, चंडीगढ़, आगरा, प्रयागराज, गोवा, जयपुर, बेंगलुरु, कोटा, सिक्किम, श्रीनगर, लेह, शिलांग, रांची, अगरतला एवं अन्य स्थानों पर भी आयोजित किया जाएगा.