पश्चिम बंगाल में एक श्मशान घाट पर कुछ शवों को जलाने के दौरान इलाके में बदबू फैल गई। स्थानीय लोगों ने शवों को जलाने का विरोध किया तो नगर निगम के कर्मचारियों ने अधजली लाशें घसीटते हुए गाड़ी में भरीं। इस अमानीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। लोगों ने इस शवों को कोरोना मरीजों के होने की बात कही है। हालांकि प्रशासन ने इससे इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि शव कोरोना मरीजों के नहीं, बल्कि लावारिस थे।

अधजली लाशों को खींचकर गाड़ी में भरने के कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए हैं। कुछ वीडियो में लोग विरोध करते नजर आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि उनके घरों में अजीब से बदबू आने लगी। सभी लोग घर के बाहर निकल आए। उन लोगों ने पाया कि बदबू पास से श्मशानघाट के बाद से आ रही थी। ऐसे में लोगों की वहां भीड़ जमा हो गई और वे हंगामा करने लगे। लोगों ने कहा कि कोलकाता नगर निगम के कर्मचारी गुपचुप तरीके से कोरोना वायरस मरीजों के शव जला रहे हैं। बवाल बढ़ता देख नगर निगम के कर्मचारी अधजली लाशों को उठाकर गाड़ी में भरने लगे।

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कर्मचारी अधजली लाशों के श्मशानघाट के अंदर से घसीटते हुए बाहर आ रहे हैं और उन्हें बाहर की ओर खड़ी गाड़ी में फेंक रहे हैं। यह वीडिया सोशल मीडिया में देखते ही देखते वायरल हो गया। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग और कोलकाता की पुलिस ने वीडियो को फर्जी बताया है और कहा कि वे लाशें एक अस्पताल के मुर्दाघर के लवारिस शव थे। कोरोना मरीजों के शव नहीं थे।