वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान की शान रहे 39 वर्षीय हुक्कू बन्दर 'कालू' ने दम जरूर तोड़ दिया, लेकिन यहां हुक्कू का बाड़ा अब यह ज्यादा दिन तक सूना नहीं रहेगा। जू प्रशासन ने खुशखबरी देते हुए बताया की जल्द ही हुक्कू बंदर का जोड़ा मेघालय से यहां लेकर आएगा।


10 दिन के अंदर दिखेंगे हुक्कू बंदर

चिड़ियाघर निदेशक डॉ़ आरके सिंह ने बताया कि कालू के जाने का दुख सभी को है। जू में हुक्कू बंदर के जोड़े को लाने की बात दो साल से चल रही थी, लेकिन अनुमति न मिलने से यह संभव न हो सका। अब हुक्कू का जोड़ा जू में जल्द से जल्द लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जू अथॉरिटी से अनुमति भी मिल गई है। मेघालय वन विभाग से संपर्क भी किया जा चुका है। बंदरों की हेल्थ हिस्ट्री मिलते ही पशु चिकित्सक डॉ़ अशोक कश्यप के साथ जू की टीम मेघालय से हुक्कू बंदर का जोड़ा लाने के लिए रवाना हो जाएगी। उम्मीद है कि दस दिन में दर्शक जू में हुक्कू बंदर देख सकेंगे।



वन्यजीवों की होगी अब ज्यादा देखभाल

वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सक डॉ़ अशोक कश्यप ने बताया कि हुक्कू के जाने के बाद चिड़ियाघर में रह रहे बूढ़े वन्यजीवों की अब और ज्यादा देखभाल की जाएगी। हिमालयन बीयर 'चमेली', लकड़बग्घा 'सोनू', पैंथर 'अकबर' और 'मलिहाबाद', जिराफ 'सुजाता' की उम्र हो चुकी है। पहले जहां हर दूसरे दिन बुजुर्ग वन्यजीवों को मल्टी विटामिन और एंटी स्ट्रेस की दवाइयां दी जाती थी, वहीं अब इन्हें रोजाना दी जाएंगी। इसके साथ ही ठंड से पहले पहले ही इन सब के बाड़े में पर्दे लगवा दिए जाएंगे।