नागरिकता संशोधन कानून का शनिवार को भी विरोध जारी है। बिहार में राजद ने आज प्रदेश में बंद बुलाया है। गांधी सेतु जाम कर दिया गया है, पटना-हाजीपुर में आगजनी की गई, जिससे यातायात ठप हो गया। वैशाली के भगवानपुर में राजद कार्यकर्ताओं ने मवेशियों के साथ हाईवे एनएच 77 को जाम कर दिया।

इन मवेशियों पर टंगे पोस्टरों में लिखा था- मैं विदेशी नहीं हूं और एनआरसी बिल और सीएए का विरोध करता हूं। वहीं, उत्तर प्रदेश में कल हुई हिंसा के चलते मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई। सिक्किम में विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को सिक्किम अगेंस्ट सिटिजनशिप अमेंडमेंड एक्ट (एसएसीएए) का गठन किया है।
 
 

राजद के बिहार बंद को महागठबंधन की अन्य पार्टियों ने भी समर्थन दिया है। बंद का असर राजधानी पटना समेत पूरे बिहार के सड़कों पर दिख रहा है। राजद कार्यकर्ताओं ने पटना और हाजीपुर में आगजनी की। बसें नहीं चल रही हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। पटना में ऑटो और सिटी बसें भी बंद हैं। 

उत्तर बिहार को पटना से जोड़ने वाले गांधी सेतु को भी बंद समर्थकों ने जाम कर दिया। 
भागलपुर में बंद समर्थकों ने कई ऑटो के शीशे तोड़ दिए और ऑटो ड्राइवर और रिक्शा चालकों के साथ मारपीट की।

वैशाली के भगवानपुर में राजद कार्यकर्ताओं ने बिहार बंद को लेकर मवेशियों के साथ हाईवे एनएच 77 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मवेशी के ऊपर पोस्टर टांगे, जिनमें लिखा- ‘मैं विदेशी नहीं हूं और एनआरसी बिल और सीएए का विरोध करता हूं’।
 


नागरिकता कानून के खिलाफ शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस ने 40 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने कहा- जो लोग हिंसा और आगजनी में शामिल पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया कि दरियागंज में शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में शनिवार को 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 
 

नागरिकता कानून के विरोध में शुक्रवार को यूपी के 20 जिलों में उग्र विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान 7 शहरों में 14 लोगों की मौत हो गई। पूरे प्रदेश में 31 जनवरी 2020 तक धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रदेश के 28 जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

 
कांग्रेस नेता यूटी खादर के बयान पर मंत्री सीटी रवि ने शनिवार को कहा कि उनके जैसी मानसिकता के लोगों ने ही गोधरा दंगे को अंजाम दिया, जिसमें कारसेवक मारे गए। उम्मीद है कि उन्हें उस वक्त का अंजाम याद होगा। अगर नहीं है तो वे उसे याद करें।

बहुमत धैर्यवान होता है। वे पीछे पलटकर देखें कि बहुमत के धैर्य ने क्या किया।
17 दिसंबर को खादर ने कहा था, ‘‘देश जल रहा है, लेकिन कर्नाटक शांति का द्वीप है। मैं कर्नाटक की सरकार को चेतावनी देता हूं कि नागरिकता कानून को लागू किया गया तो कसम खाकर कहता हूं कि प्रदेश राख में बदल जाएगा।’’

 
एसएसीएए के गठन का मकसद भविष्य में नागरिकता कानून के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों को तय करना है। फोरम में 6 दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, हमरो सिक्किम पार्टी, सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी, सिक्किम रिपब्लिकन पार्टी, सिक्किम संग्राम परिषद पार्टी और सिक्किम सब्जेक्ट कमेटी शामिल हैं।

फोरम की मांग है कि जल्द से जल्द सिक्किमवासियों के अधिकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में इनर लाइन परमिट जारी किया जाए। फोरम को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के नागरिक भी नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए उनके साथ आएंगे।