किसानों की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए 'किसान सम्मान निधि' के अलावा सरकार की ओर से सस्‍ती दरों पर लोन भी दिया जा रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिये किसानों को जरूरत के अनुसार आसानी से खेती के लिए लोन मिल जाता है। अगर आप किसान हैं तो फिर KCC स्कीम का फायदा उठा सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड का फॉर्म सरकारी वेबसाइट PMkisan.gov.in पर उपलब्ध हैइसमें स्पष्ट निर्देश है कि बैंक सिर्फ 3 दस्तावेज लेकर लोन दे सकते हैं। KCC बनवाने के लिए किसान को आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो की जरूरत होगी। साथ ही एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें यह बताना होता है कि किसी दूसरे बैंक से कर्ज तो नहीं लिया है।

अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं तो फिर को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ इंडिया और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) से संपर्क कर सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता 5 साल होती है। इस कार्ड पर किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। वैसे खेती के लिए लोन करीब 9 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से मिलता है। लेकिन KCC पर किसानों को सरकार दो फीसदी की सब्सिडी देती है, और वक्त पर KCC का पेमेंट करने से 3 फीसदी की अतिरिक्त छूट मिलती है। जिससे किसानों को ब्याज दर 4 फीसदी बैठता है।

किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को खेती के लिए दिया जाता है। इसके लिए किसान को अपनी जमीन होनी चाहिए। किसान जमीन को बिना गिरवी रखे 3 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड पर लोन ले सकता है। KCC पांच साल तक के लिए वैध होता है।

सरकार ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाते हुए 2019 में केसीसी में ब्याज दर में आर्थिक सहायता का प्रावधान शामिल करते हुए इसका लाभ डेयरी उद्योग समेत पशुपालकों और मछ्ली पालकों को भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसके जरिये किसानों को जरूरत के अनुसार आसानी से खेती के लिए लोन मिल जाता है। इस क्रेडिट कार्ड की रकम से किसान अपने कृषि से संबंधित सामान खाद, बीज, कीटनाशक खरीद कर सकते हैं।