आज के जमाने में कई लोगों के पास कई-कई बैंक खाते होते हैं। लेकिन एक आदमी के कितने बैंक अकाउंट होने चाहिए, इसके लिए व्यक्ति की आवश्यकता को आधार बनाया जाता है। आमतौर पर एक से ज्यादा बैंक अकाउंट होने के कई फायदे हैं। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी है। आइए जानते हैं multiple bank accounts के क्या-क्या फायदे हैं—

सेविंग गोल का ट्रैकिंग
अलग-अलग खर्च या किश्त चुकाने के लिए अलग-अलग खाते रखना आसाना है। मसलन अगर कार खरीदनी है तो इसके लिए एक अलग से अकाउंट होना चाहिए जिसमें से हर महीने कार की किश्त जाती रहे। दूसरी ओर पैसे निकालने के लिए अलग से खाता होना चाहिए।

ट्रांजकेश्न को ट्रैक करना आसान
अलग-अलग अकाउंट होने से ट्राजेक्शन को ट्रैक करना आसान है। हर व्यक्ति को अलग-अलग मद में ट्राजेक्शन की जरूरत होती है। ऐसे में अलग-अलग मद में खर्च के लिए अलग-अलग अकाउंट हो तो इसे ट्रैक करना आसान हो जाता है।

एटीएम चार्ज से बचाव
कई बैंक खाते होने से कई एटीएम भी मिल जाते हैं। हर बैंक के एटीएम चार्ज अलग-अलग होते हैं। ऐसे में एक ही एटीएम से हमेशा पैसा निकालने से ज्यादा चार्ज लग सकता है। कई एटीएम होने से इस चार्ज को शून्य किया जा सकता है।

एक बैंक पर निर्भरता कम
लोगों को बैंक में हर तरह की जरूरत होती है। लेकिन हर बैंक में उसकी जरूरत की पूर्ति नहीं हो पाती। कई बार किसी बैंक का ऑनलाइन कारोबार ठप हो जाता है। कई बार किसी बैंक का ब्याज दर ज्यादा हो जाता है। ऐसे में कई बैंक खाते होंगे तो एक बैंक पर निर्भरता कम होगी।

फ्रॉड होने से बचाव
हाल ही के दिनों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में फ्रॉड के कई मामले सामने आ रहे हैं। इस स्थिति में अगर कई खाते होंगे तो ऑनलाइन फ्रॉड से बचा जा सकता है या घाटे को कम किया जा सकता है।

कुछ नुकसान भी
कई बैंक खाते होने से चार्जेंज कुछ ज्यादा लग जाते हैं। इसके अलावा हर बैंक का मीनिमम बैलेंस होता है। इस रकम से कम होने पर पैनल्टी लग जाती है। ज्यादा खाता होने पर लोग अक्सर मिनिमम बैलेंस भूल जाते हैं। इस स्थिति मे चार्ज लग जाता है। दूसरी ओर कई खाते होने से अक्सर लोग पासवर्ड को भी भूल जाते हैं। इन सब खामियों की तुलना में मल्टीपल अकाउंट के फायदे ज्यादा हैं।