असम में 30 जुलार्इ को जारी हुए एनअसारी के मसौदे के बाद सड़क से लेकर संसद से बवाल मचा हुआ है। एनआरसी की इस लिस्ट में 40 लाख लोगों का नाम शामिल न होने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। हालांकि, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है, यह फाइनल लिस्ट नहीं है। अभी इसमें और सुधार किया जाएगा।लेकिन इसके बावजूद एनआरसी के मसले को लेकर पक्ष आैर विपक्ष की बयानबाजी तेज है। इस सबके बीच में एक हिंदी चैनल का वीडिया सामने आया है जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से बांग्लादेशी अमस में घुसपैठ करते हैं।

इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 16 मिनट के इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि असम से सटे भारत-बांग्लादेश बार्डर पर वह कौन-कौन से इलाके हैं, जहां से बांग्लादेशी भारत में घुसपैठ कर रहे हैं। बार्डर की स्थिति क्या है? बता दे कि यह वीडियो उस एक सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट का हिस्सा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असम में घुसपैठ का स्थिति का पता लगाने के लिए गठन किया था। वैसे यह रिपोर्ट 2015 में ही सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई थी, लेकिन इसमें जो बातें बताई गई है, वो बेहद चौंकाने वाली है।


भारत और असम के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा 4000 किलोमीटर की है, लेकिन असम से लगने वाली यह सीमा 272 किलोमीटर है। इसमें 95 किलोमीटर नदी सीमा है। यहा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ की है। इस रिपोर्ट में असम के टाकमारी गांव का जिक्र है, जो बार्डर पर स्थित है। एक बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि, इसकी दूरी बार्डर से महज 20 से 30 मीटर है।

यहां पर सीमा के एक तरफ भारतीय लोग रहते है ताे  दूसरी आेर बांग्लादेशी। यहां किसी प्रकार की कोर्इ घेराबंदी नहीं हैं। इस गांव में काफी संख्या में लोग रहते हैं। यहां से घुसपैठ भी काफी होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि यहां रहने वाले लोगों को दूसरे जगह पर शिफ्ट कर देना चाहिए। यह घुसपैठ के लिहाज से काफी संवेदनशील है। यदि कभी संदिग्ध लोगों का पीछा करते किसी घर में घुस जाते हैं तो गांववाले सेना के उपर ही गंभीर आरोप लगाने लगते हैं।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि असम की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। यहां अचानक कई परिवारों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ गया। रिपोर्ट में मवेशी हार्ट को बार्डर से कम से कम 20 किलोमीटर दूर लगाने और बार्डर पर स्थित गांव को फेंसिग से रिलोकेट करने की बात कही। रिपोर्ट में कहा गया था कि एक बांग्लादेशी पासपोर्ट धारक न सिर्फ अासानी से असम में जमीन खरीद सकता है, बल्कि यहां से चुनाव भी लड़ सकता है। कई जगह ओपेन बार्डर है तो कई जगह मवेशियों के सहारे घुसपैठ होता है।असम से बांग्लादेश तक ब्रह्मपुत्र नदी बहती है। कई जगह इस नदी का एक सीमा भारत में है तो दूसरा सीमा बांग्लादेश में। इस नदी के सहारे काफी लोग भारत में घुसपैठ करते हैं। मवेशियों की तस्करी होती है। अब इन सबके बीच सवाल यह है कि आखिर एनआरसी की जरूरत पड़ी क्याें। तो बता दें कि असम में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या काफी समय से है आैर अब यह राज्य के लिए बड़ी समस्या बन गई है।ताे असम में रह रहे अवैध नागरिकाें