दुनिया के सबसे ताकतवर देश में अमेरिका में नए नशे की महामारी फैल गई है जिसके तहत युवा घोड़े को बेहोश करने वाली दवाई ले रहे हैं। अमेरिका में सड़कों और खुलेआम मिलने वाले नशीले पदार्थों को स्ट्रीट ड्रग्स कहा जाता है। स्ट्रीट ड्रग्स में अब ऐसी दवा शामिल हुई है जिसका उपयोग घोड़ों को बेहोश करने के लिए किया जाता है। इसने घातक ओपिऑयड ड्रग्स की श्रेणी का एक तिहाई हिस्सा कब्जा कर लिया है।

हाल ही में अमेरिका के फिलाडेल्फिया में की गई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। घोड़े को बेहोश करने वाली दवा का उपयोग नशे के लिए बहुतायत में किया जा रहा है। इस दवा का नाम जाइलाजिन ये ओपिऑयड ड्रग नहीं है। लेकिन इसका उपयोग ओपियम यानी अफीम से बनने वाली ड्रग्स के साथ मिलाकर किया जा रहा है।

नशा करने वाले लोग जाइलाजिन को हेरोइन या फेंटानिल के साथ मिलाकर उपयोग कर रहे हैं। इसे अमेरिका में आजकल ट्रांक डोप कहकर बुलाया जा रहा है। इसे लेकर जो स्टडी की गई है वो 2 फरवरी को मेडिकल जर्नल इंजरी प्रिवेंशन में प्रकाशित हुई है।

शोधकर्ताओं ने स्टडी के लिए कई ऐसे लोगों को पोस्टमार्टम अध्ययन किया जिनकी मौत ड्रग ओवरडोज से हुई है। स्टडी के दौरान पता चला कि पिछले एक दशक में फिलाडेल्फिया में जाइलाजिन और ओपिऑयड ड्रग्स के मिश्रण की वजह से कई लोगों की मौत हुई है। अब शोधकर्ता मांग कर रहे हैं कि इस दवा के अवैध उपयोग पर निगरानी बढ़ाई जाए।

स्टडी के अनुसार इस समय अमेरिका में ओपिऑयड ड्रग्स की महामारी चल रही है। जाइलाजिन के ओवरडोज से मौत की खबरें सामने नहीं आती क्योंकि अमेरिका के कई प्रयोगशालाओं में इसकी आमतौर पर जांच नहीं होती। इसलिए इसकी वजह से होने वाली मौतों का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं होता।

जाइलाजिन का उपयोग अमेरिका में जानवरों को बेहोश करने के लिए किया जाता है। खासतौर से घोड़ों के लिए। अमेरिका में इसका उपयोग इंसानों के लिए प्रतिबंधित है। क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा है। ये इंसान के ब्लड प्रेशर को कम कर देता है। साथ ही दिल के धड़कने के दर को भी कम कर देता है।

स्टडी में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि प्यूर्टो रिको में जाइलाजिन का उपयोग साल 2000 के आसपास से ही शुरू हो गया था। इससे ये पता लगता है कि अमेरिका महाद्वीप में इस ड्रग का अवैध कारोबार हो रहा है। सिर्फ फिलाडेल्फिया में ही नहीं पिछले दो साल में मैरीलैंड, ओहायो और मिशिगन में भी जाइलाजिन के उपयोग के मामले सामने आए हैं।

हालांकि अमेरिका में जाइलाजिन की सप्लाई बहुत कम है। इसका रिकॉर्ड रखा जाता है लेकिन इसके बावजूद इसका उपयोग नशे के लिए किया जा रहा है। शोधकर्ताओं ने इस स्टडी में साल 2010 से 2019 तक के समय को शामिल किया। पता चला कि जाइलाजिन और ओपिऑयड ड्रग्स का उपयोग साल 2010 से 2015 तक 2 फीसदी ही होता थाण् साल 2019 में ये बढ़कर 31 फीसदी हो गया हैण्

अलग-अलग स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ था कि जाइलाजिन और ओपिऑयड ड्रग्स के मिश्रण से स्वास्थ्य पर बुरा असर तो पड़ता है लेकिन कम होता है। वहीं कुछ रिसर्च के अनुसार अगर इनके मिश्रण का ओवरडोज हो जाए तो नशा करने वाली की मौत भी हो सकती है। बुरी बात ये है कि मौत के बाद ये नहीं पता चलता कि किस ड्रग के ओवरडोज होने की वजह से मौत हुई है।

स्टडी में कुछ नशा करने वालों से बातचीत करके ये भी पता किया गया कि आखिरकार लोग इसका मिश्रण क्यों बना रहे हैं। फिलाडेल्फिया के कुछ फोकस ग्रुप्स ने बताया कि ओपिऑयड ड्रग्स के साथ जाइलाजिन का उपयोग करने से ओपिऑयड ड्रग्स का असर ज्यादा समय तक रहता है। इसलिए लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। शोधकर्ताओं ने इस दवा के उपयोग पर सरकार से निगरानी करने की बात कही है।