अभी तक आपने अलग-अलग खुशबुओं का शहद तो खाया होगा, लेकिन स्वाद सबका एक ही होता था। अब आपको शहद अलग-अलग स्वाद में मिलेगा। दिल्ली सहित देश भर में मेघालय के आदिवासियों द्वारा निकाला और तैयार किया गया बहुत मीठे से लेकर खट्टे तक की रेंज में कुल 13 अलग स्वादों में शहद मिलेगा।


गांधी जी की 150वीं जयंती पर उत्तर पूर्वी राज्यों के 301 नए उत्पादों को लॉन्‍च किया है, जिसमें मेघालय का 13 भिन्न स्वादों में उपलब्ध शहद भी शामिल है। भारत में शहद का उत्पादन तो काफी होता है, लेकिन निर्यात नहीं होता, क्योंकि उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल नहीं पाया जाता। एक कंपनी अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबकि, शहद की गुणवत्ता बनाएगी और राष्ट्रीय डेयरी डेवलेपमेट गुजरात से उसे प्रमाणीकृत करा कर विदेशों में निर्यात भी करेगा।


सरकार के लुक नार्थ ईस्ट मिशन के तहत उत्तर पूर्वी राज्यों को बढ़ावा देने के लिहाज से उत्तर पूर्व के लॉन्‍च किए गए 301 उत्पादों में बांस के उत्पाद, फलों, खाद्य पदार्थों और हस्तकला की चीजें शामिल हैं। इनमे वहां के किसानों द्वारा पैदा की जा रही खास किस्म की फसलों और चीजों को भी ट्राइफेड ने शामिल किया है।


शहद की ये 13 किस्‍म जल्‍द ही दिल्‍ली और अन्‍य राज्‍यों के बाजारों में उपलब्‍ध हो जाएंगे। इसके अलावा लॉन्‍च किए गए अन्‍य उत्‍पाद भी बाजारों में होंगे। शहद के शौकीन लोगों के लिए ये दिवाली के उपहार की तरह है। दिवाली के मौके पर इन उत्‍पादों को उपहार के रूप में दिया जा सकता है।