पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता  के दौरे पर आए गृह मंत्री अमित शाह  ने आज रात भारतीय क्रिकेट बोर्ड  के अध्यक्ष सौरव गांगुली के घर पर डिनर किया. इस यात्रा को शिष्टाचार भेंट बताया गया क्योंकि केंद्रीय मंत्री के बेटे जय शाह  BCCI में सचिव के रूप में पूर्व क्रिकेटर गांगुली के सहयोगी हैं.

यह भी पढ़े : आम आदमी पर महंगाई की मार, Domestic LPG cylinder महंगा हुआ, जानें नया रेट


गृह मंत्री शाह, गांगुली के घर पर अंगरक्षकों से घिरी एक सफेद एसयूवी में पहुंचे. सामने की सीट पर बैठे अमित शाह को देखने के लिए बाहर संकरी सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी और उन्होंने नमस्ते के साथ लोगों का अभिवादन किया.

बाद में अमित शाह को सौरव गांगुली और उनके परिवार के सदस्यों के साथ खाने की मेज पर देखा गया. 49 वर्षीय गांगुली ने संवाददाताओं से कहा कि डिनर की बैठक का कुछ भी राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह अमित शाह को एक दशक से अधिक समय से जानते हैं और कई बार मिल भी चुके हैं.

यह भी पढ़े : IPL 2022 : पंजाब किंग्स का राजस्थान रॉयल्स से मुकाबला आज, दोनों के लिए जीत जरूरी, हाईस्कोरिंग हो सकता है मुकाबला


गांगुली ने आज संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ है. मैं उन्हें 2008 से जानता हूं. जब मैं क्रिकेट खेलता था, हमारी कई बार मुलाकात हुई थी, लेकिन उतनी भी नहीं क्योंकि मैं दौरों पर रहता था." उन्होंने कहा, "मैं उनके बेटे के साथ काम करता हूं. यह एक पुराना एसोसिएशन है." मेनू में क्या था के सवाल पर पर गांगुली ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "घर जाकर देखेंगे. वह शाकाहारी हैं."

यह पहली बार नहीं है जब गांगुली को अमित शाह के साथ अपनी मुलाकात के बाद किसी राजनीतिक एंगल के होने से मना करना पड़ा है. पिछले साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भी अमित शाह के साथ बैठक के चलते गांगुली को सफाई देनी पड़ी थी. उन्होंने इस बात से इनकार किया था कि वह बीजेपी में शामिल होंगे.

यह भी पढ़े : सूर्य राशि परिवर्तन : सूर्य के राशि परिवर्तन से किसे होगा फायदा- नुकसान, 15 मई से शुरू होंगे इन राशियों के अच्छे दिन


गांगुली के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें 2015 में और बंगाल में हर बड़े चुनाव से पहले रुक-रुक कर सामने आती रही हैं. इसके बाद "दादा बनाम दीदी" को लेकर भी कयास लगाए जाते रहे हैं. सौरव गांगुली को 'दादा' और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'दीदी' के नाम से भी जाना जाता है.  

पिछले साल जनवरी में भी बंगाल विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले यह खबर चल रही थी कि गांगुली बीजेपी के संपर्क में हैं. उसी महीने पूर्व क्रिकेटर को हल्का दिल का दौरा पड़ा था. उन्होंने राजनीति में आने की खबरों का कोई जवाब नहीं दिया.