केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा में रह रहे ब्रू शरनार्थियों को लेकर एक बड़ा बयान देकर राहत दी है। शाह ने मिजोरम से आए एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अब ब्रू समुदाय के लोगों को त्रिपुरा से मिजोरम नहीं भेजा जाएगा। जेडपीएम के एक नेता ने सोमवार को बताया कि शाह ने कहा कि वापस भेजने की प्रक्रिया 30 नवंबर को समाप्त हो गई और यह उस प्रक्रिया का नौंवा तथा 'अंतिम चरण' था। जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के महासचिव के. सपदांगा ने बताया कि शाह से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक दलों के नेता, नागरिक समाज एवं छात्र संघों के नेता शामिल थे। गृह मंत्री ने उन्हें बताया कि त्रिपुरा के राहत शिविरों से ब्रू लोगों को मिजोरम लाने के और कोई प्रयास नहीं किए जाएंगे और वे ब्रू लोग त्रिपुरा के ही निवासी बन जाएंगे।


सपदांगा गृह मंत्री से 29 नवंबर को मुलाकात करने वाले प्रतिनिधमंडल का हिस्सा थे। राज्य के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार प्रायोजित वापसी अभियान के नौंवे चरण में त्रिपुरा के छह राहत शिविरों से 289 परिवारों के 1,165 ब्रू सदस्यों की मिजोरम वापसी कराई गई। बता दें कि कि दो दशक पहले जातीय संघर्ष से बचने के लिए 4,447 ब्रू परिवार भागकर पड़ोसी राज्य त्रिपुरा चले गए थे। मिजोरम उन्हें अपना मूल निवासी मानता है। उनकी वापसी का यह अंतिम प्रयास था। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि वह ब्रू समुदाय के लोगों को त्रिपुरा में ही रहने दें। यह समुदाय मिजोरम नहीं लौटना चाहता है।


इसके साथ ही त्रिपुरा के शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मन ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जानकारी दी थी कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने मुझे भरोसा दिलाया है कि वह उत्तर त्रिपुरा जिले के कंचनपुर में ब्रू समुदाय को पट्टे पर भूमि देंगे। नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर शाह की अध्यक्षता वाली बैठक में शामिल होने के बाद उन्होंने यह कहा। इस बैठक में असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कई सांसद शामिल हुए थे।


मिजोरम के गृह मंत्री लालचामलियाना ने ब्रू समुदाय के लोगों को त्रिपुरा के राहत शिविरों में रहने देने के प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि जो ब्रू लोग त्रिपुरा में रहना हैं उन्हें ऐसा करने देना चाहिए और उन्हें भी मिजोरम वापसी करने वाले ब्रू लोगों के समान पुनर्वास पैकेज मिलना चाहिए। पुनर्वास पैकेज के तहत केंद्र ने वापसी करने वाले हर ब्रू परिवार के बैंक खाते में चार लाख रुपए जमा करने का वादा किया है। इसके अलावा, पैकेज में उन्हें आवास सहायता के मद में डेढ़ लाख रुपए और दो वर्ष तक हर महीने मुफ्त राशन और 5,000 रुपए प्रतिमाह देने का भी वादा किया है।