सत्तारुढ सीपीएम ने चुनाव आयोग से फरवरी के फस्र्ट हाफ में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया है। त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। हरीपाडा दास के नेतृत्व में सीपीएम के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन से गुरुवार को मुलाकात की और उनके सामने अपने विचार रखे कि विधानसभा चुनाव फरवरी 2018 के फस्र्ट हाफ में होने चाहिए।
दास ने बताया कि सीपीएम का मत है कि विधानसभा चुनाव या तो फरवरी के पहले सप्ताह या दूसरे सप्ताह में हो क्योंकि यहां स्कूल बोर्ड की परीक्षाएं हैं। उप चुनाव आयुक्त गुरुवार शाम अगरतला पहुंचे। उन्होंने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उप चुनाव आयुक्त ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। पार्टी नेता अशोक सिन्हा के नेतृत्व में भाजपा की एक टीम ने बीती शाम उप चुनाव आयुक्त से मुलाकात की और आरोप लगाया कि राज्य की वोटर लिस्ट में 20 फीसदी से ज्यादा नाम फर्जी हैं।
भाजपा के स्टेट मीडिया इंचार्ज विक्टर शोम ने कहा कि उन्होंने उप चुनाव आयुक्त से मांग की है कि वोटर लिस्ट की स्पेशल ऑडिट हो और उसका गहन पुनरीक्षण हो। कांग्रेस नेता प्रशांता सेन चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने उप चुनाव आयुक्त को बताया कि त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव फरवरी में समय पर होने चाहिए। उन्होंने मांग की है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सभी पोलिंग बूथों की सुरक्षा में अर्ध सैनिक मतदाता तैनात किए जाने चाहिए।
आपको बता दें कि त्रिपुरा में फिलहाल लेफ्ट फ्रंट की सरकार है। 60 सदस्यीय विधानसभा में लेफ्ट फ्रंट के 51 विधायक हैं। तीन कांग्रेस के और 6 भाजपा के विधायक हैं। हालांकि इन विधायकों को अभी तक भाजपा सदस्य के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। ये सभी विधायक 2013 में कांग्रेस के टिकट पर त्रिपुरा विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। जून 2016 में ये विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। इस साल अगस्त में भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने विधानसभा को पत्र लिखकर सभी को भाजपा विधायकों के रूप में मान्यता देने की घोषणा करने का अनुरोध किया था।
स्पीकर देबनाथ ने यह कहते हुए अनुरोध खारिज कर दिया था कि विधायकों को खुद आवेदन सौंपना होगा। इसके बाद ये विधायक हाल ही में इन विधायकों ने त्रिपुरा विधान के स्पीकर रामेन्द्र चंद्र देबनाथ से मुलाकात की थी। जो विधायक स्पीकर से मिले थे, उनमें सुदीप रॉय बर्मन, दीबाचंद्र एच.,आशीष साहा, प्रणयजीत सिंह रॉय, दिलीप सरकार और विश्व बंधु सेन शामिल है। इन सभी विधायकों ने संयुक्त रुप से हस्ताक्षरित एक पत्र स्पीकर को सौंपा। इसमें उन्हें आधिकारिक रूप से भाजपा विधायकों के रूप में मान्यता दिए जाने की मांग की गई है। विधायकों ने स्पीकर को बताया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से सभी संबंध खत्म कर दिए हैं और भाजपा में शामिल हो गए हैं।