लोक निर्माण मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने विभागीय ठेकेदार तथा अभियंताओं के साथ हुई बैठक में साफ कहा कि अब तक जैसे चल रहा था अब वैसे नहीं चलेगा। विभागीय अभियंताओं को उम्मीद के अनुसार कार्य संपन्न नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना होगा। 

श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सभागार में लोकनिर्माण विभाग के अभियंता व ठेकेदारों सहित अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए लोकनिर्माण मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि विभागीय नियमानुसार काम संपन्न कराने की जिम्मेदारी अभियंताओं की है। ठेकेदारों को काम के अनुसार ही राशि दी जाएगी। काम की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि विभागीय फाइल किसी अधिकारी व कर्मचारी की टेबल पर पड़ी नहीं रहनी चाहिए। ठेकेदार टेंडर भरेंगे, काम की अनुमति विधि अनुसार दी जाएगी। काम अपेक्षित नहीं हुआ तो संबंधित अभियंता को उक्त ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। इसके अलावा सात दिनों के भीतर ठेकेदार को संबंधित सारी रिपोर्ट देनी होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के सड़कों के निर्माण के लिए ११५० करोड़ की राशि कैबिनेट ने मंजूर की है। मंत्री ने कहा कि लोकनिर्माण विभाग अब पहले के जैसे नहीं चलेगा। सड़क निर्माण की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।