असम के नव नियुक्त मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (उल्फा-आई) से अपील की है कि वह हिंसा से दूर रहे और शांति प्रक्रिया में शामिल हो। असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटों बाद, सरमा ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उल्फा (आई) प्रमुख परेश बरुआ से अपिल की है।  

हिमंता ने परेश बरुआ से अपिल की है कि सशस्त्र संघर्ष को दूर करने और राज्य में स्थायी शांति बहाली के हित में वार्ता की मेज पर आने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य में सक्रिय अन्य विद्रोही समूहों से भी अपील की कि वे सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने वाले राज्य और केंद्र दोनों के साथ एक सार्थक शांति वार्ता करें। सरमा ने कहा कि "हिंसा, अपहरण, जबरन वसूली कभी भी समस्या का समाधान नहीं कर सकती है "।

एनआरसी पर पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि एनआरसी में शामिल कुछ नामों के पुन: सत्यापन की आवश्यकता है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि 2019 में प्रकाशित "मूल रूप से गलत था" और चुनावों के बाद एक नई कवायद शुरू होगी अगर सुप्रीम कोर्ट अनुमति देता है।