भाजपा के पूर्वोत्तर प्रभारी राम माधव ने बताया कि नेडा अध्यक्ष डा. हिमंत विश्व शर्मा को लोकसभा चुनाव लड़ने से क्यों रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से ज्यादा बोझ हिमंत विश्व शर्मा पर है। उन पर सरकार का भी भार है और पूर्वोत्तर की 25 सीटें जिताने का दायित्व भी। साभ ही प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के विकास की गति को और तेज करना चाहते हैं, जिसमें हिमंत की भूमिका अहम होगी। इसे देखते हुए उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया।


असम प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राम माधव से पूछा गया था कि 545 सीट की जिम्मेवारी रखने वाले अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं और 25 सीट का दायित्व रखने वाले को चुनाव लड़ने से क्यों रोका गया? जिसे हल्के में लेते हुए राम माधव ने कहा, हिमंत के साथ दिक्कत यह है कि उन्हें एक जगह से टिकट दे देता तो दूसरी जगह के लोग नाराज हो जाते कि हमारी सीट से क्यों नहीं दिया। इसलिए कोई सीट नहीं दिया ताकि कोई नाराज न हो।

यह कहने पर कि नेडा अध्यक्ष का अंतिम समय में टिकट न मिलने की खबर से युवा वर्ग नाराज हैं तो बगल में बैठे हिमंत विश्व शर्मा की मुस्कराहटों के बीच राम माधव ने कहा, हिमंत सबको मना लेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या हिमंत विश्व शर्मा राज्यसभा से संसद जाएंगे तो राम माधव ने कहा, आप सबका विचार होगा तो सभी विकल्पों पर विचार होगा।