सिक्किम में जान गंवाने वाले फौजी का शव घर लाते समय स्थानीय लोगों ने भोगलपुर चौराहे पर जाम लगाने के साथ जमकर हंगामा और नारेबाजी की। जिसके चलते प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर यातायात रुक गया। यहां के लोगों के अंदर गुस्सा इस बात का था कि कोई भी नेता व प्रशासनिक अधिकारी परिवार को ढांढस पहुंचाने नहीं आया। घटनास्थल पर पहुंचे अफसरों को भी लोगों की खरीखोटी सुननी पड़ी। इतना ही नहीं मौके पर पहुंचीं खागा विधायक को भी विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में परिवार को सांत्वना देकर शांत कराया गया। इस दौरान ग्रामीणों में यहां गार्ड ऑफ ऑनर न मिलने की चर्चा रही।

आर्मी में थे तैनात

ज्ञात हो कि खागा कोतवाली के ब्राह्मणपुर गांव निवासी नरेंद्र तिवारी आर्मी में थे। चार दिन पहले सिक्किम से सूचना आई कि उनका ग्लेशियर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सोमवार को फौजी नरेंद्र तिवारी का शव प्रयागराज के रास्ते खागा लाया गया।

रुकवा दिया शव का वाहन

जाम के दौरान भीड़ ने वंदे मातरम का जयघोष भी किया। पार्थिव शरीर जैसे ही भोगलपुर चौराहे पर पहुंचा तो लोगों ने शव वाहन को रुकवा लिया। चौराहा होने की वजह से प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। जैसे ही वहां खागा विधायक कृष्णा पासवान पहुंचीं तो लोगों ने उन्हीं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

दो घंटे बाद शांत हुई भीड़

करीब 1 बजे से लगा हाईवे पर जाम साढ़े तीन बजे खत्म हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे और विधि विधान के बाद गांव के एक खेत में अंतिम संस्कार किया।