गुजरात के वडोदरा शहर को मुंबई और दिल्ली से सीधे जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे ने एकसाथ चार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। इस समय गुजरात में वडोदरा से भरूच एक्सप्रेस-वे का काम चल रहा है। इसी दौरान 2 फरवरी को 2 किमी लंबा और 18.75 मीटर चौड़ा हाईवे महज 24 घंटों में ही तैयार कर दिया गया। इसके लिए 1.10 लाख सीमेंट की बोरियां 5.5 हजार टन और 500 टन बर्फ का भी इस्तेमाल किया गया। इसमें 3 करोड़ रुपए का खर्च आया।

इन चार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे पहला 12 हजार टन सीमेंट कंक्रीट का उत्पादन करना है, दूसरा इस कॉन्क्रीट को इतनी तेजी से बिछाना, तीसरा एक फुट मोटा और 18.75 मीटर चौड़ा निर्माण है और चौथा रिकॉर्ड रिजिड पेवमेंट क्वॉलिटी को मेनटेन करने का है। यह सारे काम सिर्फ 24 घंटों में ही कर दिए गए और इस तरह इस एक्सप्रेस-वे ने एक साथ चार वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम पर दर्ज कर लिए।

इन रिकॉर्ड्स के बारे में पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी अरविंद पटेल ने कहा कि भारत के सड़क निर्माण में यह अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जो जल्दी और आसानी से नहीं टूटेगा। बात सिर्फ रिकॉर्ड बनाने की नहीं है यह आधुनिक भारत की तस्वीर है। इसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेंचमार्क सेट कर दिया है। इस एक्स्प्रेस.वे के निर्माण में अब और तेजी आएगी क्योंकि हमारे प्लांट में अब हर घंटे 840 क्यूबिक मीटर सीमेंट कांक्रीट तैयार हो रहा है।

इस बारे में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के ऑब्जर्वर डॉ. मनीष विश्नोई ने बताया कि लगातार 24 घंटे तक पेवमेंट क्वॉलिटी की कॉन्क्रीटिंग, मशीन और जबर्दस्त प्लानिंग के बीच के गठजोड़ को दर्शाती है। इंजीनियर्स के इसी कमाल ने एक साथ चार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बना दिए। जिस हिस्से में यह एक्सप्रेस-वे बना है वह मूलरूप से जमीन से तकरीबन 15 फीट की ऊंचाई पर है।

दुनियाभर में एक साथ 16 मीटर चौड़ एक्सप्रेस-वे तैयार करने के लिए कॉन्क्रीट लेयर मशीन का उपयोग किया जाता है। लेकिन यह एक्सप्रेस-वे 18.75 मीटर चौड़ा है और इसी के चलते पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने खासतौर पर जर्मनी से 20 करोड़ रुपए कीमत की तीन मशीनें खरीदीं। करीब 1200 किमी लंबे इस एक्सप्रेस.वे के गुजरात में 63 किमी का निर्माण पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है।

ऐसे हुआ द्रुतगति के काम
1250 लोगों ने काम किया
माल ढुलाई के लिए 115 टिपर्स ट्रक लगे
मैकेनिकल विभाग में 300 लोगों की टीम तैनात थी
250 लोगों ने प्रोडक्शन यूनिट की जिम्मेदारी संभाली
150ए000 लीटर एचएसडी का उपयोग हुआ
5ए00ए000 किग्रा ;500 टनद्ध बर्फ का इस्तेमाल हुआ
1ए30ए000 किलो डोएल बार.टी का इस्तेमाल
5000 टन सीमेंट का यूज
1500 टन फ्लाई ऐश मिक्स की गई
80000 किलो मिक्सर का उपयोग किया गया

एक्सप्रेस-वे की खासियत
हाईवे के निर्माण में इसकी टिकाऊ क्षमता का विशेष रूप से ख्याल रखा गया है। इसी के चलते हर 4.5 मीटर के अंतराल पर सीमेंट कॉन्क्रीट के साथ 32 एमएम 2.1 किग्रा की लोहे की रॉड भी डाली जा रही है। लोहे की रॉडे 4.5 मीटर के अंतराल पर दोनों तरफ यानी की लंबाई और चौड़ाई के बीच बिछाई जा रही हैं।