कोरोना काल में कई त्यौहर ऐसे ही गुजर गए हैं बड़े त्यौहार तो अब आने वाले हैं। जिसमें पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा एक है और दूसरी दीपावली है। कोरोना के कहर को देखते हुए कोलकाता हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालु पंडालों के अंदर नहीं जा पाएंगे। यहां सिर्फ आयोजकों को जाने की इजाजत होगी। जिसमें छोटे पंडालों में 15 और बड़े पंडालों में 25 लोग ही जा सकेंगे।


जानकरी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल में 5 दिन चलने वाली दुर्गा पूजा आज से एक दिन बाद शुरू होने वाली है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कहा कि कोलकाता शहर में 3000 से ज्यादा पंडाल हैं और भीड़ को संभालने के लिए पुलिसकर्मी नहीं हैं। साथ ही साल्टलेक के इजेडसीसी में होने वाली दुर्गा पूजा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं।


सूत्रों ने बताया कि महाषष्ठी की सुबह पीएम मोदी बंगाल के लोगों को दुर्गा पूजा की शुभकामना देने वाले हैं और पीएम बंगाली स्टाइल में धोती और पंजाबी पहन कर अपने घर में मां दुर्गा की पूजा करेंगे। पूजा के 4 दिन इजेड सीसी में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरुलिया के छऊ नाच से लेकर बाउल गान, दोहर गान आदि शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दुर्गा पूजा और बंगाल की संस्कृति को पेश कर भाजपा बंगाली सेंटीमेंट को छूना चाहती है।

जानकरी के लिए बता दें कि दुर्गा पूजा पंडालों और पूजा के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई स्थानों पर दुर्गा पूजा का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूजा मंडपों में दीप प्रज्ज्वलित कर देवी के चरणों में पुष्प अर्पित किए। बंगाल में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से 6000 लोगों की मौत हो चुकी है इसी को देखते हुए कोलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।