पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका लगा है। हाई कोर्ट ने नेशनल फूड सिक्योरिटी ऐक्ट के तहत ममता सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'दुआरे राशन' को गैरकानूनी करार दिया है। एक साल पहले ममता बनर्जी ने इस योजना का उद्घाटन किया था जिसके राशन कार्ड धारकों के घर पर ही राशन की डिलिवरी की जाती थी। 

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ममता सरकार का दावा था कि इस योजना का लाभ 10 करोड़ लगों को मिलेगा और घंटों तक राशन की लइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। 11 सितंबर को ही इस मामले की सुनवाई पूरी  हो गई थी लेकिन हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। विधानसभा चुनाव से पहले भी टीएमसी ने इस योजना को अपने घोषणापत्र में शामिल किया था। हालांकि कुछ राशन डीलरोंने इसे कानून के खिलाफ बताया था और अदालत का रुख किया था। 

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डीलरों का कहना था कि यह योजना कानून के विपरीत है। क्योंकि इस योजना के लिए राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं नहीं हैं। ममता सरकार की तरफ से कहा गया था कि डीलरों को वाहन ले जाकर एक जगह खड़ा करना होगा और 500 मीटर के दायरे में आए वाले घरों में वितरण करना होगा। वहीं जो कर्मचारी इसमें लगेंगे उनकी आधी सैलरी राज्य सरकार देगी।