कोरोना काल में दुनियाभर में टीकाकरण किया जा रहा है। अभी सिर्फ 45 से ऊपर लोगों को और बुजुर्गों को टीका लगाया जा रहा है। अब सरकार 2 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण करने पर विचार कर रही है। इस पर सियासी घमासान चल रहा है। हाल ही में 2 साल से 18 साल की उम्र तक के बच्चों पर कोवैक्सिन के क्लीनिकल ट्रायल पर अंतरिम स्टे की मांग करने वाली याचिका की मांग को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।


सुनवाई के दौरान ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के साथ ही इस मामले में शामिल अन्य को नोटिस जारी किया है। बच्चों पर कोवैक्सिन के क्लीनिकल ट्रायल की मंज़ूरी भारत बायोटेक कंपनी को देने के DCGI के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। DCGI ने भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा डेवलप की गई वैक्सीन के मामले में यह मंज़ूरी दी थी।


अभी तीसरे फेज़ के ट्रायल बच्चों पर किए जाने हैं, जिन्हें मंज़ूर करने केंद्र की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर आज हाई कोर्ट ने सुनवाई की है। याचिका में यह मांग भी की गई कि वैक्सीन के परीक्षण के लिए तैयार सभी 525 बच्चों की सूची और उनके परिजनों की जानकारी दी जाना चाहिए। याचिका दाखिल करने वाले संजीव कुमार ने कहा कि “अपनी मर्ज़ी से ट्रायल की इजाज़त देने जैसे कॉंट्रैक्ट पर उनसे साइन करवाया जाना प्रथम दृष्टया अपने आप में गैर कानूनी लगता है”।