बिहार में आतंकी गतिविधियों का इनपुट जारी हुआ है। इसके बाद एटीएस (ATS) मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के साथ-साथ रेल पुलिस और सभी सुरक्षा-खुफिया तंत्र को अलर्ट कर दिया है। सूत्रों के अनुसार खालिस्तानी और इस्लामिक आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकी बिहार में भी आत्मघाती हमला कर सकते हैं। निशाने पर सार्वजनिक स्थानों के अलावा खासकर सुरक्षा बलों से लेकर उनसे जुड़े संस्थान या ऑफिस हो सकते हैं।

बिहार में एक दर्जन से अधिक जिलों जिसमें पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, रोहतास, कैमूर, बक्सर, आरा, औरंगाबाद, नवादा और मुजफ्फरपुर जैसे जिले टारगेट पर हैं, इनके प्रशासनिक अमले को सतर्क किया गया है। अधिकारियों को हर स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार खालिस्तान आतंकी संगठनों द्वारा आत्मघाती दस्ते को तैयार किया जा रहा है। इन संगठनाें ने पुलिस या अन्य सुरक्षा बल से जुड़े ऐसे ऑफिस, कैंप या प्रतिष्ठान, ट्रेनिंग सेंटर, भर्ती केंद्र पर हमला करने की योजना भी बनाई है। इन जगहों पर आतंकियों द्वारा आत्मघाती रूप में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही पुलिस प्रशासनिक व राजस्व पदाधिकारियों और कर्मियों के आवास पर हमला कर अपहरण या अन्य हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है।

एटीएस से मिली सूचना के बाद रेल पुलिस मुख्यालय भी हरकत में आ गया है। पटना के रेल एसपी सुजीत कुमार ने सभी रेल डीएसपी से लेकर थानेदार तक को सतर्क करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए हैं। उग्रवादी गतिविधियों के लिहाज से दो रेल खंडों पटना-गया और कोडरमा-गया- मुगलसराय को रेल पुलिस ने सर्वाधिक संवेदनशील माना है। इनमें पड़ने वाले स्टेशन, हॉल्ट, रेलवे ट्रैक, एस्कॉर्ट दस्ता और रेल पुलिस थाना पर भी खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।

पटना और गया जंक्शन पर तैनात बम निरोधक दस्ता के प्रभारियों को स्टेशन परिसर में पार्किंग एरिया, रेलवे यार्ड, अहम ट्रेन, सुनसान स्थलों समेत तमाम जगहों पर चेकिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। रेल डीएसपी, इंस्पेक्टर और थानेदार को खुद अपनी मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर समेत दूसरे सुरक्षा उपकरणों से जांच करने और सीसीटीवी कैमरे पर पैनी नजर रखने की खास तौर पर हिदायत दी गई है। इसके मद्देनजर सभी सार्वजनिक स्थानों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा की चाक चौबन्द व्यवस्था देखने को मिल रही है। रेलवे में प्लेटफॉर्म के साथ ही ट्रेनों में भी संघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।