दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आगे बढऩे की स्थिति अनुकूल है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी पश्चिम मानसून के अगले 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आगे बढऩे की स्थिति अनुकूल है।


प्री-मानसून के 27 जून से देश के उत्तर पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय होने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ भागों में गर्मी रही। इन क्षेत्रों में दक्षिण पश्चिम मानसून ने अभी तक दस्तक नहीं दी है। दिन का तापमान गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से बहुत अधिक तथा ओड़शिा एवं गुजरात के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रहा।


हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य रहा। सबसे अधिक तापमान पश्चिमी राजस्थान के चारू में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण पश्चिम मानसून अरुणाचल प्रदेश, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, रायलसीमा, तमिलनाडु और दक्षिणी कर्नाटक के भीतरी हिस्सों में सक्रिय रहा।


अगले 24 घंटो के दौरान असम, मेघालय, उपहिमालयीन पश्चिम बंगाल, गुजरात, कोंकण , गोवा, अरुणाचल , नागालैंड, मणिपुर,मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पश्चिमी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र, मराठवाड़ा और तटीय कर्नाटक में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छिटपुट स्थानों पर धूलभरी आंधी अथवा गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।


अरुणाचल प्रदेश, उपहिमालयीन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार , पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, गुजरात, कर्नाटक, अंडमान निकोबार द्वीप, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ, सौराष्ट्र, कच्छ, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में छिटपुट तथा दूर-दराज के स्थानों पर बारिश अथवा गरज के छींटे पड़े। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में मौसम मुख्य तौर पर शुष्क रहा।