मध्य प्रदेश में बीते कई दिनों से लगातार जारी बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के अलावा राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में स्थिति विकट है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कहीं ट्रेनें रोकी गई हैं तो कहीं सड़कों पर बने पुल ही नदी में आई भारी बाढ़ से ध्वस्त हो गए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में बाढ़ से बिगड़े हालातों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह से बात की है और खुद भी कई जगहों का जायजा लिया है। मंगलवार को दतिया जिले में सिंध नदी पर स्थित दो पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जो दतिया-ग्वालियर मार्ग पर स्थित थे। बाढ़ का पानी तेजी से टकराने के चलते पुलों को नुकसान पहुंचा है। 

यही नहीं सिंध नदी में जल का स्तर तेजी से बढ़ जाने के चलते शिवपुरी जिले में स्थित अटल सागर डैम के 10 दरवाजों को खुलवा दिया गया है। भारी बारिश के चलते तेजी से नदियों का जलस्तर बढ़ा है और निचले इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। अटल सागर डैम के दरवाजे खोले जाने की जानकारी देते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, 'मणिखेड़ा (अटल सागर) डैम के 10 गेट खोले गए हैं। प्रभावित गांवों को पहले ही सतर्क कर दिया गया था। लोगों को ऊंचे स्थानों पर भेजकर सुरक्षित किया गया तथा राहत शिविर व भोजन की व्यवस्था की गई है। शिवपुरी कंट्रोल रूम से मंत्री साथी महेंद्र सिंह सिसोदिया और यशोधरा नजर बनाए हुए हैं।'

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी बारिश के चलते मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र के 1,100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। शिवपुरी और श्योपुर में 2 दिन में ही 800 मिमी बारिश हो गई है। इस अप्रत्याशित बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी है। सीएम ने कहा कि मैं कल से बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं। इस बीच शिवपुरी जिले के बीछी गांव में पेड़ पर फंसे लल्लूराम, लखन, देवेंद्र नाम के तीन लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला है।