दक्षिण पश्चिमी बिहार व उससे लगे दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश में एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने से मध्यप्रदेश में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर अगले चौबीस घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश और कई स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। राज्य में मानसून के पहुंचने के बाद पिछले कई दिनों से कुछ स्थानों तेज बारिश और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो रही है। 

दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से कल इंदौर और उज्जैन संभागों के जिलों में कई स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बारिश हुई। भोपाल मौसम विज्ञान केन्द्र के अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी बिहार और उससे लगे दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के साथ ही बेस्ट राजस्थान से लेकर बंगाल के बीच एक ट्रफ लाइन गुजरने से राज्य के रीवा एवं शहडोल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर अगले चौबीस घंटों के दौरान गरज चमक के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं। 

इसके अलावा महाकोशल अंचल के जबलपुर, सागर, होशंगाबाद, भोपाल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा का अनुमान है। वहीं इंदौर एवं उज्जैन संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर और ग्वालियर तथा चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर जिलों में भारी बारिश के अलावा गरज चमक के साथ बिजली गिर सकती है। 

इन स्थानों पर हवा की गति 30 से 40 किलो प्रति घंटा की दर हो सकती है। इसके अतिरिक्त होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों के साथ ङ्क्षछदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट एवं मंडला जिले में यही स्थिति बन सकती है। राजधानी भोपाल में आकाश की स्थिति मेघमय रहने के अलावा इसके आसपास कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने व वर्षा होने के आसार हैं।