देशभर में विपक्षी की ओर से ईवीएम के इस्तेमाल पर उठाई जा रही उंगलियों के बेहद गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के विभिन्न जिलों से ट्रकों में भर-भर कर बिना इस्तेमाल की हुई ईवीएम और वीवीपैट उत्तर गुवाहाटी इलाके में स्थित एक निजी संस्थान के गोदाम मे रखी जा रही हैं। प्रदेश कांग्रेस ने इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए भारत निर्वाचन आयोग से उच्चस्तीय, निष्पक्ष जांच की मांग की है।


जिलों में अप्रयुक्त ईवीएम को इस प्रकार से लाए जाने का मामला बीती रात लगभग साढ़े दस बजे प्रकाश में आने के बाद से ही सनसनी फैल गई है। ईवीएम में किसी का भी बटन दबाने पर एक पार्टी विशेष को मत जाने जैसी शिकायतों तो लगातार सामने आती रही हैं लेकिन इस पैमाने पर ईवीएम व वीवीपैट को स्ट्रांग रूम की जगह किसी निजी संस्थान के गोदाम में जमा किए जाने का मामला सामने आने से बहुत बड़ा सवाल पैदा हो गया है।
बीती रात राज्य के विभिन्न जिलों से छोटे ट्रकों को रहस्यमय ढंग से गुवाहाटी ग्रामीण के उपायुक्त कार्यालय के पास स्थित एक निजी प्रतिष्ठान के वर्कशॉप में अनलोड होते देखा गया। सत्ता पक्ष पर लगातार हमलावर कांग्रेस के कुछ नेता भी यह बात सामने आते ही सक्रिय हो गए हैं। उपरोक्त ईवीएम तमाम विधिक प्रक्रिया अपनाने के बाद कामरूप उपायुक्त के अधीन अमीनगांव स्थित स्ट्रांग रूम में ही जमा की जानी थी। इसी बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रकों में ईवीएम लदी थी। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक ट्रकों को स्ट्रांग रूम की जगह उपरोक्त गोदाम में अनलोड किया गया। आपको जानकारी के लिए बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग चुनाव कार्य से जूड़े कोई भी अधिकारी चुनाव से संबंधित किसी भी तरह की संवेदनशील वस्तु को किसी निजी गोदाम आदि में रखने की इजाजत नहीं दे सकते। कांग्रेस के अधिकांश उम्मीदवारों ने संपर्क करने पर बताया कि उन्होंने अभी तक अपने जिलों से ईवीएम बाहर ले जाने के लिए ऐसा नहीं किया।प्रदेश कांग्रेस के महासचिव दिगंत चौधरी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को कई बार शिकायतें की गई, लेकिन कामरूप के उपायुक्त को नहीं हटाया गया जो कि उसी जिले के अंतर्गत आने वाले सुवालकुची के निवासी हैं। यह निर्धारित नियमों का सरासर उल्लंघन है।