हेल्थ इंश्योरेंस कराने वालों को जरा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि 1 अप्रैल से ये महंगा हो जाएगा जिसके बाद 10 परसेंट ज्यादा प्रीमियम देना होगा। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने कोरोना की वजह से प्रीमियम में बढ़ोतरी को अबतक रोक रखा था, लेकिन अब हजारों करोड़ रुपये के कोरोना क्लेम और IRDAI के स्टैंडर्ड नियम लागू होने के बाद कंपनियों को प्रीमियम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

अधिकतर इंश्योरंस कंपनियां अपने प्रीमियम को नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से लागू करती हैं। ऐसे में 1 अप्रैल 2021 से कंपनियां हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम बढ़ा सकती हैं।

प्रीमियम बढ़ने की एक वजह तो ये है कि इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने कई गंभीर बीमारियों को मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल कर दिया है, कई ऐसी बीमारियां अब पॉलिसी में शामिल कर दी गई हैं। मानसिक दिक्कतों, जेनेटिक बीमारियों, न्यूरो संबंधी विकारों और मनोवैज्ञानिक बीमारियों को इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल कर लिया गया है। इसलिए बीमा का प्रीमियम बढ़ना तय है।

दूसरी वजह ये है कि हजारों करोड़ रुपये के कोरोना क्लेम। बीमा कंपनियों के पास 14 हजार करोड़ रुपये के भारी भरकम दावे आए हैं। जिसमें से 9 हजार करोड़ रुपये के दावे कंपनियां सेटल कर चुकी हैं, बाकी को सेटल किया जा रहा है। ये बीमा कंपनियों पर सबसे बड़ा बोझ है। जिसकी वसूली प्रीमियम बढ़ाकर की जाएगी।
साथ ही मेडिकल के क्षेत्र में लागत 18-20 प्रतिशत बढ़ा है। इन वजहों से कंपनियों पर भार बढ़ा है। ऐसे में प्रीमियम बढ़ाना बीमा कंपनियों की मजबूरी होगी। अब रूम रेंट के अनुपात में बाकी चार्जेज हटने से भी प्रीमियम पर असर पड़ेगा, पहले कंपनियां रूम रेंट के रेश्यों में बाकी खर्चों जैसे टेस्ट वगैरह पर प्रीमियम काट लेती थीं, लेकिन अब वो ऐसा नहीं कर पाएंगी। उन्हें रूम रेंट के अलावा बाकी चार्जेज भी देने होंगे। जिसकी वजह से प्रीमियम बढ़ना तय है।