रीठा एक पारंपरिक जड़ी बूटी है जिसके पेड़ भारत, चीन, नेपाल में देखने को मिलते हैं। आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाएं तैयार करने में रीठा का उपयोग किया जाता है। रीठा साबुन के रूप में भी जाना जाता है। इसके पेड़ के मैकाडामिया आकार के फल सूख जाते हैं जिसे साबुन और डिटर्जेंट के रूप में प्रयोग किया जाता है। देश के तमाम ग्रामीण इलाकों में आज भी इसके सूखे गोले साबुन और क्लीनर के विकल्प के रूप में उपयोग किए जाते हैं। इसके साबुन के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

श्वसन स्वास्थ्य के उपयोगी है रीठा

दमा के लक्षणों को ठीक करने के लिए रीठे को सूंघना एक सदियों पुराना उपाय है। दमा का मरीज अगर रीठे के पेड़ के फलों को पीसकर सूंघे तो समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा आप रीठे के फल को काली मिर्च के साथ पानी में पीसकर घोल की कुछ बूंदें नाक में डालें तब भी सांस की समस्या ठीक हो सकती है। गांव में आज भी ये प्रक्रिया जारी है। आप अपने डॉक्टर से अस्थमा के लिए रीठा युक्त दवाएं भी मांग सकते हैं।

नैचुरल इम्युनिटी बूस्टर है रीठा

रीठा में मजबूत एंटी इन्फ्लेमेटरी के गुण होते हैं और यह गठिया के लक्षणों जैसे जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत के लिए इसे एक एक्सीलेंट दवाएं बनाता है। इसका पाउडर न केवल शरीर से ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे रोगजनकों को खत्म करता है, बल्कि यह हमारे इम्युन सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा रीठा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पुराने रोगों के जोखिम को भी कम करते हैं।

बालों के लिए फायदेमंद है रीठा

रीठा झागकारी होता हैं जो बालों में जमी गंदगी और तेल को साफ करने में मदद करता हैं। इसमें मौजूद विटामिन और सैपोनिन बालों की चमक को बरकरार रखते हैं। ग्रामीण महिलाएं रीठा, आंवला शिकाकाई के मिश्रण से आज भी अपने बालों को साफ करती हैं। इसके प्रयग से बालों का सूखापन भी कम हो जाता है साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को जड़ से मजबूत करते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटिफंगल गुण होते हैं, इसलिए ये बालों में रूसी को दूर करने में भी मददगार है।

माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में असरदार है रीठा

रीठा माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में के गुण रखता है। इसके एक-दो फलों को काली मिर्च, पानी के साथ पीस लें और इस घोल को कुछ मिनट के लिए लगा रहने दें। इसके बाद अपने नाक में इसकी दो बूंदे डालें जिससे माइग्रेन का सिरदर्द हो जाता है। ये उपाय उपयोगी साबित हो सकते हैं, लेकिन इनका अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।