गर्मियों और बारिश का मौसम है। इस मौसम में मच्छरों का आतंक बहुत ही ज्यादा है। कोरोना काल में कोविड के साथ साथ डेंगू जैसी बीमारी का होना मौत जैसा है। कोरोना ने ही अभी जीना हराम कर रखा है। गर्मियों और बरसात में ये मच्छर ज्यादा काटते हैं। मच्छर जब शरीर पर काटते हैं, तो जलन और खुजली शुरू हो जाती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि मच्छर के डंक चुभाने से खुजली होती है लेकिन ऐसा नहीं है।

 

 

 

इन मच्छरों के काटने पर होती है खुजली


नर मच्छर कभी काटते ही नहीं लेकिन मादा मच्छर ही इंसानों को काटती है। जैसे कि हम जानते हैं कि मच्छरों को जीने के लिए गर्म रक्त की जरूरत होती है। ज्यादाकर गर्म रक्त वाले जानवरों के शरीर पर बाल होते हैं इसलिए मच्छर उन्हें नहीं काटते हैं मगर इंसानों के शरीर से रक्त पीना उनके लिए आसान है क्योंकि इंसानों के बाल इतने घने नहीं होते हैं।

 

 

क्यों होती है खुजली

मादा मच्छर जब खून पीने के लिए अपना डंक शरीर में चुभाती है, तो त्वचा की ऊपरी पर्त पर छेद हो जाता है। आपके शरीर में कहीं भी छेद हो, तो तुरंत खून का थक्का जम जाता है। अगर ये थक्का जम जाए, तो मच्छर खून नहीं पी सकेगी। इसलिए मच्छर अपने डंक से एक विशेष रसायन छोड़ते हैं, जो खून का थक्का बनने से रोकता है। जब त्वचा में ये रसायन पहुंचता है, तो रिएक्शन के फलस्वरूप उस जगह पर जलन और खुजली शुरू हो जाती है और वो जगह लाल होकर सूज आती है।