भारत में कोरोना वायरस के बाद अब हवाना सिंड्रोम नाम की बीमारी फैल रही है जो बेहद खतरनाक है। यह बीमारी अमेरिका में भी तेजी से फैली है जिसका वहां पर खौफ छाया हुआ है। यह बीमारी यह पहली बार 2016 में क्यूबा में पाई गई थी। अब अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही वे खुलासा करेंगे। केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के उप निदेशक डेविड कोहेन ने पिछले सप्ताह कहा था इसका कारण और स्रोत रहस्यपूर्ण है।

इस बीमारी के चलते अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में मौजूद स्टेशन प्रमुख को हटा दिया है। रहस्यमय ‘हवाना सिंड्रोम’ के हाल ही में वियना में दूतावास के कर्मचारियों, केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों और परिवार के सदस्यों को प्रभावित करने वाले दर्जनों मामलों सामने आए हैं।

राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इस तरह के केस की जांच तेज कर दी है। इसे प्रशासन द्वारा ‘एनामालोस हेल्थ इंसिडेंट’ (एएचआई) का नाम दिया गया है। यदि ये एक हमला है, जिसे किसी हथियार के जरिए किया जा रहा है, तो अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि इसके पीछे रूस का हाथ हो सकता है।

'हवाना सिंड्रोम' के मामले धीरे-धीरे पैर पसार रहे हैं। क्यूबा के बाद चीन, जर्मन, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और यहां तक कि वाशिंगटन डीसी में भी इसके मरीज मिले। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रिया के विएना से भी दर्जनों मामलों कों पता चला था। भारत में 'हवाना सिंड्रोम' के लक्षण नजर आने का यह पहला मामला है।

इस बीमारी के शिकार लोगों को थकान, सिरदर्द और याददाश्त खो जाने की शिकायत रहती है। ऐसी रिपोर्टें भी आई हैं कि क्यूबा, चीन, रूस और कुछ अन्य देशों में तैनात अमेरिकी राजनयिकों और इंटेलीजेंस अधिकारियों का इस बीमारी के चलते मस्तिष्क भी क्षतिग्रस्त हो चुका है।