उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly elections) से पहले बहुचर्चित हाथरस कांड के पीडि़त परिवार (Hathras Rape Victim Family) ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। पीडि़ता के छोटे भाई ने कहा कि अभी तक हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया है। हमारा उद्देश्य मेरी बहन को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है डेढ़ साल हो गया अभी तक न्याय नहीं मिला इसलिए चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।

आपको बता दें कि सितंबर 2020 में 19 साल की लड़की के साथ चार लोगों ने गैंगरेप (Hathras Gang Rape case) किया था। इसके बाद गंभीर हालत में पीडि़ता को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके 10 दिनों तक संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। इसके बाद प्रशासन ने आनन फानन में देर रात पीडि़ता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना ने राष्ट्रीय आक्रोश को जन्म दिया और दलितों पर अत्याचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया।

पीडि़त परिवार का कहना है कि हम सभी पार्टियों का स्वागत सम्मान करते हैं, पर अभी किसी पार्टी ने हमसे संपर्क नहीं किया। हमारा पूरा ध्यान इस केस पर है, हमें अभी न्याय नही मिला है। परिवार की प्रतिक्रिया उन खबरों के बीच आई है कि कांग्रेस ने उन्हें चुनाव के लिए टिकट की पेशकश की थी। यूपी कांग्रेस महासचिव श्याम सुंदर उपाध्याय (Congress General Secretary Shyam Sundar Upadhyay) ने इस बीच कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन पार्टी पीडि़त लोगों को टिकट देगी ताकि वे सशक्त हो सकें और अपने अधिकारों के लिए लड़ सकें और दूसरों की भी मदद कर सकें।