प्रवर्तन निदेशालय की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस कांड के बहाने जातीय दंगा फैलाने के लिए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पास मॉरिशस से 50 करोड़ आए थे। ईडी ने दावा किया है कि पूरी फंडिंग 100 करोड़ से अधिक रुपये की थी। 

इस मामले में बुधवार को आई ईडी की यह शुरुआती रिपोर्ट बड़े डिवेलपमेंट के तौर पर देखी जा रही है। पीएफआई को मॉरिशस से 50 करोड़ की फंडिंग को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि विदेशों से आए इन पैसों से यूपी में माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी। हाथरस मामले को लेकर प्रदेश में जातीय दंगा फैलाने की कोशिश की जा रही थी। 

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बीते दिनों दिल्ली से हाथरस जा रहे 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। योगी सरकार ने भी इससे पहले प्रदेश को दंगों में झोंकने की आशंका जताते हुए विदेशी संगठनों द्वारा फंडिंग का आरोप लगाया था।

यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश में यूपी में जातीय दंगों की साजिश कराकर दुनिया मैं पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि खराब करने के लिए जस्टिस फार हाथरस नाम से रातों रात वेबसाइट तैयार हुई। वेबसाइट में फर्जी आईडी के जरिए हजारों लोग जोड़े गए। यूपी सरकार का दावा है कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में वेबसाइट पर देश और प्रदेश में दंगे कराने और दंगों के बाद बचने का तरीका बताया गया। मदद के बहाने दंगों के लिए फंडिंग की जा रही थी। फंडिंग की बदौलत अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया के दुरूपयोग के भी सुराग मिले हैं. जांच एजेंसियों के हाथ वेबसाइट की डिटेल्स और पुख्ता जानकारी लगी है।