हाथरस कांड केस में नया मोड़ आ गया है क्योंकि विदेशी फंडिंग करने वाले ट्रैवल एजेंट को DRI ने एक करोड़ रुपये के साथ पकड़ा है। इस घटना के बाद यूपी में जातीय दंगे करवाने की साजिश के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने एक करोड़ रुपये की धनराशि के साथ लखनऊ से एक बड़े ट्रैवल एजेंट को गिरफ्तार किया है। उसे बड़ा हवाला कारोबारी बताया जा रहा है।

खबर है कि म्यांमार से सोना तस्करी के आरोप में वाराणसी से दबोचे गए 2 लोगों से पूछताछ में लखनऊ के ट्रैवल एजेंट का इनपुट मिला था। उसके बाद DRI ने देर रात लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके से ट्रैवल एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक करोड़  की नकदी और लाखों रुपये की विदेशी मुद्रा मिलने की बात कही जा रही है। अब डीआरआई उससे हाथरस कनेक्शन और सोना तस्करी के मामले में पूछताछ कर रही है।

उधर हाथरस मामले में जातीय तनाव पैदा करने के लिए विदेशों से फंडिंग की जांच कर रही ED ने अब मलेशिया के साथ ही म्यांमार के हवाला सिंडिकेट पर भी अपनी नजरें गड़ा दी है।  ED ने गोल्ड तस्करी में हवाला के नेक्सस को खंगालना शुरू कर दिया है।

वहीं हाथरस मामले में जेल में बंद आरोपियों ने पुलिस अधीक्षक को चिट्ठी लिखकर निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की मांग की है। चिट्ठी में मुख्य आरोपी ने लड़की से दोस्ती की बात कबूली और कहा कि परिवार को हमारी और उसकी दोस्ती पसंद नहीं थी। जिसे लेकर उसके घर में मारपीट हुई। आरोपियों ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जाए, जिससे न्याय मिले।

हाथरस मामले में अखिल भारतीय वाल्मीकि महापंचायत के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र कुमार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दावा किया कि यह याचिका दायर करने के लिए उन्हें पीड़िता की मां, दो भाई और पिता ने अधिकृत किया है। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि 29 और 30 सितंबर को जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को घर में अवैध रूप से नजरबंद कर दिया और उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया। बाद में कुछ लोगों से मिलने दिया गया। लेकिन अब फिर मिलने या बात करने नहीं दी जा रही है।

शासन की ओर से हाथरस मामले में नोडल अधिकारी बनाए गए डीआईजी शलभ माथुर बुधवार रात को पीड़ित परिवार के गांव पहुंचे और उनकी सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से बात कर हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि वे इसी इलाके में कैंप कर रहे हैं और पीड़ित परिवार की सुरक्षा के ऐसे ही औचक चेकिंग करते रहेंगे।