देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के कहर के बीच हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन ने खट्टर सरकार की टेंशन और बढ़ा दी है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कोरोना  के बढ़ते मामलों और किसान आंदोलन को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

 विज ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा में सभी की चिंता करना मेरा कर्तव्य है। किसान बड़ी संख्या में यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने उन्हें COVID-19 का टीका लगाने और टेस्ट करने का फैसला किया है।

इससे पहले विज ने कहा था कि आज जब एक बार फिर कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है ऐसे में हरियाणा की सीमाओं पर किसानों का इतना बड़ा जमावड़ा लगा हुआ है। मुझे जनता के साथ ही किसानों भी कोरोना संक्रमण से बचाना है। उन्होंने कहा था कि इस स्थिति से निपटने के लिए मैं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखने वाला हूं, जिससे कि किसानों के साथ बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू किया जा सके।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई महीनों तक दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान सगंठनों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर हमारे 'अन्नदाता' दिल्ली की सीमा पर सड़कों पर बैठे हैं। यह चिंता का विषय है कि सौ से भी अधिक दिनों से इस तरह के आंदोलन चल रहे हैं। 

मैं वास्तव में यह मानता हूं कि हर समस्या का एक समाधान आपसी चर्चा के माध्यम से निकल सकता है। चौटाला ने प्रधानमंत्री से आंदोलनकारी किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तीन से चार कैबिनेट सदस्यों की एक कमेटी बनाने को कहा है। 

पत्र में आगे कहा गया कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच पहले की वार्ता ने संयुक्त मोर्चा द्वारा जताई गई चिंताओं के लिए कुछ समाधान निकाले हैं। इस संबंध में, तीन से चार वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को मिलाकर बनाई गई एक टीम किसानों के साथ बात फिर से शुरू करने और एक सौहार्दपूर्ण निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकती है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है, जहां गेहूं, सरसों, दलहन, चना, सूरजमुखी और जौ सहित कुल छह फसलें एमएसपी में खरीदी जाती हैं। चौटाला ने कहा कि मुझे यकीन है कि केंद्र सरकार के सहयोग से हरियाणा में एमएसपी पर किसानों की फसलों की खरीद भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी।