इस समय दुनियाभर में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन (omicron) वेरियंट के लगातार बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर आई है। उद्योगपति हर्ष गोएनका ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से जुड़ा एक दिलचस्प डेटा अपनी ट्विटर वॉल पर शेयर किया है, जो कि सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। इसमें एक ग्राफ शेयर किया गया है जो बताता है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के मामले अब तेजी से घट रहे हैं। माना जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का पीक बीत चुका है।

हर्ष गोएनका ने ट्वीट शेयर करते हुए लिखा, 'दक्षिण अफ्रीका से ओमिक्रॉन पर अच्छी खबरें आ रही हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन बहुत धीमी गति से। ज्यादातर अनवैक्सीनेटेड या सिंगल डोज लेने वाले ही नए वैरिएंट का शिकार हो रहे हैं।' दक्षिण अफ्रीका में हुई एक स्टडी के मुताबिक, ओमिक्रॉन में कोरोना के पहले वाले वैरिएंट्स से कम गंभीर प्रभाव देखा गया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉटर्सरैंड में एपिडेमायोलॉजी की प्रोफेसर शेरिल कोहेल ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का जो व्यवहार देखा गया है, उससे यह कम गंभीर नजर आता है। उन्होंने 'नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर कम्यूनिकेबल डिसीज' की एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में 'अर्ली एसेसमेंट ऑफ द सीवियर्टी ऑफ दि ओमिक्रॉन वैरिएंट इन साउथ अफ्रीका' नाम की रिसर्च के परिणाम भी साझा किए हैं।

गोएनका ने अपने ट्विटर हैंडल पर जो ग्राफ शेयर किए हैं, उनसे काफी अच्छे संकेत मिले हैं। ओमिक्रॉन से लोगों को गंभीर बीमारी नहीं हो रही है और बहुत कम संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। बहुत कम मामलों में ऑक्सीजन की जरूरत हुई और इनमें से अधिकांश मामले नॉन वैक्सीनेटेड थे। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि हम सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का ख्याल ना रखें। बस हमें घबराने की जरूरत नहीं है।