बिहार से NDA उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह एकबार फिर से राज्यसभा के उपसभापति बन गए हैं और उन्होंने मनोज झा को ध्वनिमत से हराया है। राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हरिवंश को राज्यसभा का डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) चुना गया है। ध्वनि मत से उन्हें चुना गया है।
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का समूह 53 साल के आरजेडी नेता और पूर्व शिक्षाविद मनोज झा को संयुक्त उम्मीदवार बनाया था तो वहीं एनडीए ने जेडीयू नेता हरिवंश पर एक बार फिर दांव लगाया था। दोनों ही बिहार से राज्यसभा सांसद हैं। हालांकि हरिवंश मूल रूप से यूपी के बलिया के रहने वाले हैं।
हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को बलिया जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था। हरिवंश के लिए माना जाता है कि वह जेपी आंदोलन से खासे प्रभावित रहे हैं। हरिवंश ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई की और अपने कैरियर की शुरुआत टाइम्स समूह से की थी। 90 के दशक में हरिवंश बिहार के एक बड़े मीडिया समूह से जुड़े, जहां पर उन्होंने दो दशक से ज्यादा वक्त तक काम किया।
अपने कार्यकाल के दौरान हरिवंश ने बिहार से जुड़े गंभीर विषयों को प्रमुखता से उठाया। इसी दौरान वह नीतीश कुमार के करीब आए इसके बाद हरिवंश को जेडीयू का महासचिव बना दिया गया। साल 2014 में जेडीयू ने हरिवंश को राज्यसभा के लिए नामांकित किया और इस तरह से हरिवंश पहली बार संसद तक पहुंचे।