बढ़ती महंगार्इ को लेकर असम के कर्इ जिलों में कांग्रेस के कार्यकर्ताआें ने विरोध प्रदर्शन किया। हलांकि राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंद के असफल होने का दावा किया है। सबसे बड़ा प्रदर्शन असम सचिवालय के सामने हुआ।

यहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत सहित सैकड़ों को कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। तेजपुर सहित कई शहरों में भी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात बाधित करने और स्कूल बाजार बंद कराने की कोशिश की। 


हैलकांडी जिले के जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे 40 लोगों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस के पूर्व मंत्री बिमिता गोगोई को गोलाघाट के खुमताई में हिरासत मे लिया गया। जबकि पूर्व मंत्री बसंता दास सहित 80 कार्यकर्ताओं को एहतियातन सोनितपुर जिले में पुलिस ने हिरासत में लिया।


बता दें कि राज्य में व्यापक रूप से बंद का असर देखने को मिला, ज्यादातार बाजार और शिक्षण संस्थान बंद रहे। गुवाहाटी सहित कई स्थानों पर सौकड़ो लोगों ने सड़कों पर आकर ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रति अपना अाक्रोश प्रकट करते हुए मार्ग अवरुद्ध कर दिया। उनका कहना था कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से दैनिक जीवन की जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं।

बंद के कुछ समर्थकों ने मोरीगांव में खुले कुछ स्कूलों को जबरदस्ती बंद कराया। इसके साथ ही पूर्वोत्तर आने जाने वाली ट्रेन सेवा प्रभावित रही। करीब नौ ट्रेनों को रोका गया जो विलंब से चली। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने बंद को असफल बताया और उन्होंने बताया कि बंद उपस्थिति दर्ज कराने का असफल प्रयास होने के अतिरिक्त और कुछ नहीं था।